देशभर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर अब टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों की मांगों को सही बताया, लेकिन साथ ही साफ कहा कि किसी भी आंदोलन में हिंसा और कानून तोड़ने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
छात्रों की मांगों का किया समर्थन
रुपाली गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, हर छात्र को ईमानदारी से परीक्षा देने का अधिकार है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के पेपर लीक मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की है, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
हिंसा से कमजोर पड़ता है आंदोलन
हालांकि रुपाली गांगुली ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, पुलिस पर हमला करते हैं या कानून अपने हाथ में लेते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता।
उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन के असली उद्देश्य को कमजोर कर देती हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएं ताकि उनकी आवाज सही तरीके से सुनी जा सके।
आंदोलन को भटकने न देने की सलाह
रुपाली ने यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन को ऐसे लोगों से बचाना जरूरी है जो उसके मकसद को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने और केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने की सलाह दी।
उनके अनुसार, शिक्षा सुधार की मांग पूरी तरह जायज है, लेकिन उसका रास्ता कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही होना चाहिए। तभी इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकल सकता है और छात्रों को न्याय मिल सकेगा।
रुपाली गांगुली का यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिक्षा सुधार को लेकर देशभर में बहस तेज है। इससे पहले भी फिल्म और टीवी जगत के कई कलाकार इस मुद्दे पर अपनी राय रख चुके हैं। अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं, लेकिन अधिकांश सितारे इस बात पर सहमत हैं कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाना चाहिए।