टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में अपने कई यादगार कॉमिक किरदारों के लिए जानी जाने वाली डेलनाज ईरानी अब नेटफ्लिक्स की कॉमेडी सीरीज ‘चुंबक’ में एक अलग अंदाज में नजर आ रही हैं। सीरीज में वह गुलशन तारापोरवाला का किरदार निभा रही हैं, जो चुम्बक कॉलोनी में रहने वाले एक पारसी परिवार का हिस्सा है। गुलशन एक पारंपरिक पारसी महिला हैं, जिनका अपने बेटे और बहू के साथ रिश्ता शो में कॉमेडी का अहम हिस्सा बनता है।
दिलचस्प बात यह है कि डेलनाज ने कई सालों तक पारसी किरदार निभाने से दूरी बनाए रखी थी। इसकी वजह थी कि वह पर्दे पर पारसी समुदाय को किसी तरह के स्टीरियोटाइप या कैरिकेचर के तौर पर पेश नहीं करना चाहती थीं। डेलनाज के मुताबिक, अपने पूरे करियर में उन्होंने सिर्फ एक बार पारसी किरदार निभाया था। यह किरदार उन्होंने 2004-05 के आसपास शो ‘Batliwala House No. 43’ में निभाया था, जिसे JD और Aatish ने बनाया था।
डेलनाज ने बताया कि फिल्मों और टीवी में पारसी किरदारों को कई बार बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। खास लहजा, अलग तरह के हाव-भाव और कपड़ों को इतना एक्सट्रीम कर दिया जाता है कि किरदार नेचुरल नहीं लगता। ‘चुंबक’ में उन्हें लगा कि तारापोरवाला परिवार को ज्यादा वास्तविक और सामान्य तरीके से दिखाया गया है। यही वजह रही कि उन्होंने इतने सालों बाद एक बार फिर पारसी किरदार निभाने का फैसला किया।
एक्ट्रेस ने कहा कि ‘चुंबक’ में पांच अलग-अलग परिवारों की कहानी दिखाई गई है और तारापोरवाला परिवार उस कॉलोनी में रहने वाले एक आम पारसी परिवार की तरह नजर आता है। उनके मुताबिक, वह लंबे समय तक ऐसे किरदार से बचती रही हैं जिसमें उन्हें सिर्फ एक कॉमिक कैरिकेचर बनकर रहना पड़े। लेकिन गुलशन का किरदार उन्हें अलग लगा और उन्होंने इसे एक नए एक्टिंग चैलेंज के तौर पर लिया।
गुलशन का किरदार निभाने के लिए डेलनाज को काफी तैयारी करनी पड़ी। हालांकि कॉमेडी उनके लिए सहज रही है, लेकिन इस किरदार के लिए उन्हें बोलने के अंदाज, हिंदी के लहजे, कपड़ों, मेकअप और हेयरस्टाइल तक पर काम करना पड़ा। सबसे बड़ी चुनौती उनकी उम्र से काफी बड़ी महिला का किरदार निभाना था। गुलशन करीब 60 साल की महिला हैं और उनका बेटा लगभग 30-35 साल का है।
किरदार के बारे में बात करते हुए डेलनाज ने बताया कि गुलशन अपने बेटे को लेकर बेहद प्रोटेक्टिव और पजेसिव हैं। बेटा उनकी जिंदगी का सबसे खास हिस्सा है और उसकी शादी के बाद बहू के घर में आने से मां-बेटे के रिश्ते में एक नया ट्विस्ट आ जाता है। गुलशन अपनी बहू को परिवार का हिस्सा मानने के बजाय कई बार एक बाहरी व्यक्ति की तरह देखती हैं। यही सास-बहू की नोकझोंक शो में खूब कॉमेडी पैदा करती है।
डेलनाज के मुताबिक, गुलशन, उनके बेटे और बहू के बीच का रिश्ता किसी लव ट्राएंगल जैसा नजर आता है, जहां मां का बेटे के प्रति जरूरत से ज्यादा लगाव और बहू के साथ उसकी लगातार नोकझोंक कहानी को मजेदार बनाती है।
शो में अनंत वी. जोशी और अमायरा दस्तूर के साथ डेलनाज की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री भी देखने को मिलती है। एक्ट्रेस ने बताया कि ऑफस्क्रीन भी दोनों के साथ उनकी अच्छी बॉन्डिंग बन गई है। लंबे समय तक साथ काम करने की वजह से तीनों के बीच काफी सहज और पारिवारिक रिश्ता बन चुका है, जिसका असर स्क्रीन पर भी दिखाई देता है।
हालांकि गुलशन सिर्फ ओवरप्रोटेक्टिव मां नहीं हैं। डेलनाज के अनुसार, तारापोरवाला परिवार कॉलोनी में अपनी मददगार और गर्मजोशी भरी छवि के लिए भी जाना जाता है। गुलशन खुद भी दिल की बहुत अच्छी महिला हैं और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। उन्हें अपनी कॉलोनी के लोगों की जिंदगी में क्या चल रहा है, इसकी भी पूरी खबर रहती है और थोड़ा-बहुत गॉसिप करना भी उन्हें पसंद है।
नीना गुप्ता के किरदार रजनी के साथ गुलशन की दोस्ती भी उनकी पर्सनैलिटी का एक अलग पहलू दिखाती है। वह दूसरों की मदद करने और उनके साथ खड़े रहने वाली महिला हैं।
लेकिन गुलशन की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी बहू है। वह बाकी सभी लोगों के प्रति बेहद केयरिंग और संवेदनशील हैं, लेकिन बहू की बात आते ही उनका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। यही विरोधाभास गुलशन के किरदार को और मजेदार बनाता है। ‘चुंबक’ में डेलनाज ईरानी का यह नया अवतार उनके फैंस के लिए कॉमेडी के साथ-साथ एक अलग तरह का एक्टिंग एक्सपीरियंस भी लेकर आया है।