टीवी शो ‘ओ हमनवा तुम देना साथ मेरा’ में आराध्या का किरदार निभा रहीं ऐश्वर्या राज भाकुनी का मानना है कि बदलते एंटरटेनमेंट लैंडस्केप ने दर्शकों की दिलचस्पी को सिर्फ कलाकारों के ऑन-स्क्रीन किरदारों तक सीमित नहीं रखा है। आज दर्शक अपने पसंदीदा सेलिब्रिटीज को स्क्रीन से बाहर भी जानना चाहते हैं। फिक्शन से लेकर रियलिटी टेलीविजन तक, दर्शक अब कलाकारों की पर्सनैलिटी और उनकी जर्नी को करीब से समझने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
रियलिटी शोज की बढ़ती लोकप्रियता पर अपनी राय रखते हुए ऐश्वर्या कहती हैं, “मुझे लगता है कि रियलिटी शोज लंबे समय तक बने रहेंगे, क्योंकि आज दर्शक सिर्फ किसी सेलिब्रिटी को देखना नहीं चाहते, बल्कि उस सेलिब्रिटी के पीछे के इंसान को भी जानना चाहते हैं। वे लोगों की जर्नी, स्ट्रगल, रिश्तों और पर्सनैलिटी से इमोशनली जुड़ जाते हैं। मेरे हिसाब से यही रियलिटी टेलीविजन की सबसे बड़ी ताकत है।”
हालांकि, ऐश्वर्या का मानना है कि रियलिटी शो का हिस्सा बनने के साथ खुद के प्रति ईमानदार रहने की जिम्मेदारी भी आती है। वह कहती हैं, “मुझे लगता है कि इस स्पेस में आने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह खुद के प्रति सच्चा रहे। आपको बहुत जल्दी अटेंशन मिल सकती है, लेकिन दर्शकों के साथ आखिर में वही चीज रहती है कि आप असल में कौन हैं।”
रियलिटी शोज को अक्सर जल्दी फेम हासिल करने का रास्ता माना जाता है, लेकिन ऐश्वर्या इसे इस नजरिए से नहीं देखतीं। उनके मुताबिक हर कंटेस्टेंट या सेलिब्रिटी के शो में आने की अपनी अलग वजह हो सकती है। वह कहती हैं, “मैं इसे जरूरी तौर पर डेस्परेशन या शॉर्टकट के तौर पर नहीं देखती। हर किसी की अपनी अलग जर्नी होती है। कभी कोई स्थापित कलाकार ऑडियंस के साथ दोबारा कनेक्ट करना चाहता है और कभी किसी नए कलाकार को ऐसा मौका मिल जाता है, जो शायद उसे किसी और तरीके से न मिलता। विजिबिलिटी चाहने में कुछ गलत नहीं है।”
हालांकि, ऐश्वर्या यह भी मानती हैं कि सिर्फ विजिबिलिटी किसी कलाकार के करियर को लंबे समय तक कायम नहीं रख सकती। वह कहती हैं, “विजिबिलिटी आपके लिए एक दरवाजा खोल सकती है, लेकिन वह आपके लिए करियर नहीं बना सकती। इसके लिए टैलेंट, निरंतरता, गरिमा और शो के बाद भी लोगों की दिलचस्पी बनाए रखने की क्षमता जरूरी है। फेम रातों-रात मिल सकता है, लेकिन सम्मान और लंबे समय तक टिके रहना सालों की मेहनत से हासिल होता है।”
एक्टर और स्टार के बीच अंतर को लेकर ऐश्वर्या कहती हैं, “हां, मैं बिल्कुल मानती हूं कि दोनों में फर्क है। एक एक्टर आपको अपने किरदार पर विश्वास करने के लिए मजबूर करता है, जबकि एक स्टार आपको उसे देखने के लिए उत्साहित करता है, इससे पहले कि आपको पता हो कि वह कौन सा किरदार निभाने वाला है।”
हालांकि, ऐश्वर्या के लिए एक्टिंग का क्राफ्ट ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह कहती हैं, “मैंने हमेशा एक्टर को ज्यादा महत्व दिया है, क्योंकि क्राफ्ट ऐसी चीज है जिस पर आपको लगातार काम करना पड़ता है। स्टारडम एक शुक्रवार के साथ आ और जा सकता है, लेकिन एक एक्टर के तौर पर आपकी क्षमता हमेशा आपके साथ रहती है। आदर्श रूप से मैं ऐसी कलाकार बनना चाहूंगी, जिसमें एक्टर का क्राफ्ट और स्टार की पहुंच और ऑरा दोनों हों। लेकिन अगर मुझे चुनना पड़े तो मैं हमेशा पहले एक अच्छा एक्टर बनना पसंद करूंगी।”
सोशल मीडिया ने बॉलीवुड और टीवी कलाकारों को देखने के दर्शकों के नजरिए को भी काफी बदला है। पहले स्टार्स अपने फैंस से एक दूरी और रहस्य बनाए रख सकते थे, लेकिन सोशल मीडिया ने उनकी जिंदगी को काफी ज्यादा एक्सेसिबल बना दिया है।
ऐश्वर्या कहती हैं, “मुझे लगता है कि सोशल मीडिया ने कुछ हद तक मिस्ट्री जरूर कम कर दी है, क्योंकि अब दर्शक किसी एक्टर की जिंदगी को लगभग हर दिन देख सकते हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसका मतलब यह है कि उनका ऑरा खत्म हो गया है। मुझे लगता है कि आज की दुनिया में थोड़ा रहस्य बनाए रखना एक चॉइस है।”
ऐश्वर्या का मानना है कि सेलिब्रिटीज अपनी पर्सनल लाइफ की हर चीज शेयर किए बिना भी ऑडियंस से जुड़े रह सकते हैं। वह कहती हैं, “ऑडियंस से जुड़े रहने के लिए आपको सबकुछ दिखाने की जरूरत नहीं है। मेरा मानना है कि आपको अपने दर्शकों के लिए एक्सेसिबल रहना चाहिए, लेकिन कुछ बाउंड्रीज भी होनी चाहिए। लोगों को अपना काम, अपने विचार और अपनी पर्सनैलिटी जानने दें, लेकिन उनकी कल्पना के लिए भी कुछ छोड़ दें। कई बार आप जो चीजें नहीं बताते, वे उन चीजों से ज्यादा दिलचस्पी पैदा करती हैं जिन्हें आप सामने रखते हैं।”