Bigg Boss 19 फेम प्रणित मोरे ने ‘370 रुपये बिरयानी’ विवाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कॉमेडियन ने अलग-अलग राज्यों में दर्ज दो FIR को एक साथ क्लब करने की मांग की है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश प्रणित मोरे के वकील की दलील सुनने के बाद दिया। वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रणित मोरे ने राष्ट्रीय महिला आयोग समेत सभी संबंधित मंचों पर इस मामले को लेकर माफी मांगी है।
प्रणित मोरे के वकील ने कहा कि वह शो के केवल होस्ट थे और उन्हें इस मामले की गंभीरता का एहसास है। उन्होंने यह भी कहा कि मोरे ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन चाहते हैं कि गुरुग्राम में दर्ज FIR को बॉम्बे FIR के साथ क्लब कर दिया जाए।
PR टीम ने बिना अनुमति पोस्ट किया था वीडियो
सुनवाई के दौरान प्रणित मोरे के वकील ने दावा किया कि विवादित वीडियो FIR दर्ज होने से पहले ही डिलीट कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय मोरे यात्रा कर रहे थे और उनकी PR टीम ने उनकी मंजूरी के बिना वीडियो पोस्ट कर दिया था।
यह विवाद गुरुग्राम में हुए प्रणित मोरे के स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान की गई एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गुरुग्राम के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को ‘370 रुपये बिरयानी’ वाली टिप्पणी करते हुए देखा गया था। इस टिप्पणी पर प्रणित मोरे को हंसते हुए देखा गया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रणित मोरे की आलोचना शुरू हो गई। यूजर्स ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति असंवेदनशील और अपमानजनक बताया। साथ ही, मोरे पर टिप्पणी का विरोध नहीं करने और उस पर हंसने को लेकर भी सवाल उठाए गए।
प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा, दोनों ने इस मामले पर माफी मांगी। वहीं, हिमांशु जांगड़ा के नियोक्ता Starvik Design ने भी विवाद के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया।
अब प्रणित मोरे ने महाराष्ट्र और हरियाणा में दर्ज दोनों FIR को क्लब करने की मांग की है। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दोनों FIR एक ही घटना से जुड़ी हैं और प्रणित मोरे मामले में ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं।