Bigg Boss 13 फेम अरहान खान ने ट्रैवल, जिम्मेदार पर्यटन और किसी जगह को उसके मशहूर लैंडमार्क से आगे जाकर अनुभव करने को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। World Tourism Day के मौके पर एक्टर ने बताया कि किसी जगह की असली खूबसूरती वहां के लोगों, संस्कृति और सफर के दौरान मिलने वाले छोटे-छोटे पलों में छिपी होती है।
किसी डेस्टिनेशन को खास बनाने वाली चीजों के बारे में बात करते हुए अरहान ने कहा कि उनके लिए किसी जगह की पहचान सिर्फ उसके मशहूर लैंडमार्क से नहीं होती। वह ठंडी जगहों, पहाड़ों, खूबसूरत नजारों और शांत कैफे में बैठकर कॉफी पीने जैसे अनुभवों को ज्यादा यादगार मानते हैं। उनके मुताबिक किसी प्रसिद्ध स्मारक को देखने से ज्यादा उस जगह को महसूस करना लंबे समय तक याद रहता है।
अरहान का मानना है कि आर्किटेक्चर, इतिहास और लैंडमार्क अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी जगह से जुड़ाव वहां के लोगों, संस्कृति और रोजमर्रा के छोटे पलों से होता है। उनका कहना है कि कई बार किसी ट्रिप की सबसे खूबसूरत याद एक ठंडी सुबह कॉफी पीते हुए आसपास की जिंदगी को देखने जैसी साधारण चीज हो सकती है।
जिम्मेदार पर्यटन को लेकर अरहान ने कही ये बात
अरहान ने Responsible Tourism की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति किसी नई जगह पर जाता है, तो वह असल में किसी और के घर में मेहमान की तरह जाता है। ऐसे में स्थानीय कारोबार, कैफे, गाइड्स, कारीगरों और छोटे समुदायों का सम्मान करना जरूरी है।
एक्टर के मुताबिक यात्रियों की पहली जिम्मेदारी सम्मान है। स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कूड़ा न फैलाएं, सिर्फ फोटो लेने के लिए किसी चीज को नुकसान न पहुंचाएं और स्थानीय परंपराओं को केवल दिखावे की चीज न समझें।
सोशल मीडिया ने बदला ट्रैवल का तरीका
अरहान ने ट्रैवल पर सोशल मीडिया के असर के दोनों पहलुओं पर भी बात की। उनका मानना है कि सोशल मीडिया की वजह से दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आसानी से एक्सप्लोर की जा सकती है। स्क्रॉल करते हुए लोग छोटे शहरों, खूबसूरत कैफे और अनजान डेस्टिनेशन के बारे में जान सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग अनुभव के बजाय सिर्फ फोटो लेने के लिए यात्रा करने लगते हैं। उनके मुताबिक ट्रैवल में ऐसे पल भी होने चाहिए, जिन्हें कैमरे में कैद करना या सोशल मीडिया पर शेयर करना जरूरी न हो।
अरहान के लिए यात्रा का असली मतलब धीरे चलना, आसपास की चीजों को महसूस करना और ऐसी यादें बनाना है, जो सिर्फ कैमरे तक सीमित न रहें। उनके मुताबिक किसी शांत और ठंडी जगह पर कॉफी के साथ बिताया गया वह पल, जिसे कोई और नहीं देखता, अक्सर सबसे ज्यादा याद रह जाता है।