अभिनेता अर्जुन बिजलानी इन दिनों नेटफ्लिक्स की ‘चुंबक’ में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा वह अपनी पत्नी नेहा स्वामी के साथ अपकमिंग रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ में भी दिखाई देंगे। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जहां लगातार सोशलाइजिंग, इवेंट्स और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना जरूरी माना जाता है, वहीं अर्जुन का मानना है कि कनेक्टेड रहने के साथ-साथ खुद के लिए स्पेस बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
अपनी पर्सनैलिटी के बारे में बात करते हुए अर्जुन कहते हैं कि वह पूरी तरह इंट्रोवर्ट या एक्स्ट्रोवर्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक, वह दोनों का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा हैं। वह कहते हैं, “मैं दोनों का थोड़ा सा हूं। जब मैं कंफर्टेबल होता हूं तो सोशल रहता हूं, लेकिन मुझे अपना स्पेस भी पसंद है। मुझे लगता है कि यही बैलेंस मुझे अपने किरदारों के अलग-अलग शेड्स दिखाने में मदद करता है।”
इंडस्ट्री में पार्टियों, इवेंट्स और सोशल मीडिया की बढ़ती अहमियत के बीच अर्जुन रिश्तों में क्वांटिटी के बजाय क्वालिटी को ज्यादा महत्व देते हैं। वह कहते हैं, “मुझे लोगों से मिलना अच्छा लगता है, लेकिन मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जिसे हर जगह होना जरूरी लगे। मेरे लिए हर जगह नजर आने से ज्यादा जरूरी सच्चे और अच्छे रिश्ते हैं।”
आज के दौर में कंटेंट और कम्युनिकेशन की रफ्तार काफी तेज हो गई है। ऐसे में अर्जुन का मानना है कि अपनी सीमाएं तय करना भी जरूरी है। लगातार स्क्रॉलिंग और तुरंत आने वाले मैसेज कई बार आपको हर वक्त कनेक्टेड रहने के लिए मजबूर कर सकते हैं। अर्जुन कहते हैं, “आपको चीजों के साथ चलना है, लेकिन उन्हें अपनी जिंदगी पर हावी नहीं होने देना है। जब मैं अपने परिवार के साथ होता हूं तो कोशिश करता हूं कि स्विच ऑफ करूं और उस पल को एंजॉय करूं।”
अर्जुन के मुताबिक, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में रिश्ते और नेटवर्किंग जरूर महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे किसी के काम की जगह नहीं ले सकते। वह कहते हैं, “इससे निश्चित तौर पर मदद मिलती है। यह इंडस्ट्री लोगों और रिश्तों से जुड़ी है, लेकिन मेरा मानना है कि आखिरकार आपका काम ही आपके लिए बोलना चाहिए।”
पर्सनल ग्रोथ की बात करें तो अर्जुन मानते हैं कि वह खुद में थोड़ा और धैर्य लाना चाहते हैं। वह कहते हैं, “मैं और ज्यादा पेशेंस रखना चाहता हूं और चीजों को जल्दी करने की कोशिश नहीं करना चाहता। मुझे लगता है कि ग्रोथ इस बात से भी आती है कि आप प्रोसेस को एंजॉय करना सीखें।”
सोशल मीडिया आज एक्टर्स की प्रोफेशनल लाइफ का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन अर्जुन नहीं मानते कि सिर्फ विजिबिलिटी किसी कलाकार का सफर तय कर सकती है। उनके मुताबिक, “सोशल मीडिया आज निश्चित तौर पर जरूरी है, लेकिन यह टैलेंट और अच्छे काम की जगह नहीं ले सकता। आपको विजिबिलिटी और सब्सटेंस, दोनों की जरूरत है।”
दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के बावजूद अर्जुन अपने लिए किसी खास इमेज को बनाने की कोशिश नहीं करते। वह कहते हैं, “मैं कोई इमेज बनाने की बहुत ज्यादा कोशिश नहीं करता। आप मेरे सोशल मीडिया पर जो देखते हैं, वह असल जिंदगी में मैं जैसा हूं, उसके काफी करीब है। इससे चीजें सिंपल रहती हैं।”
अर्जुन बिजलानी के लिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आगे बढ़ने का मतलब हर वक्त दिखाई देना नहीं, बल्कि यह समझना है कि कब लोगों से जुड़ना है, कब खुद के लिए थोड़ा पीछे हटना है और सबसे जरूरी, अपने काम और अपनी पहचान को हमेशा केंद्र में रखना है।