एक्ट्रेस Aishwarya Raj Bhakuni के लिए एक्टिंग सिर्फ पर्दे पर किसी किरदार को निभाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खुद को समझने, अलग-अलग भावनाओं को महसूस करने और जिंदगी की मुश्किलों से कुछ समय के लिए दूर जाने का भी एक तरीका है। इन दिनों वह टीवी शो O Humnava Tum Dena Saath Mera में आराध्या, यानी आरू का किरदार निभा रही हैं। एक्ट्रेस का कहना है कि अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाते हुए उन्होंने खुद को बेहतर तरीके से समझना सीखा है।
पर्सनल लाइफ की परेशानियों के बीच एक्टिंग से मिलता है सुकून
अपनी जिंदगी में एक्टिंग की अहमियत के बारे में बात करते हुए Aishwarya ने बताया कि उनकी पर्सनल लाइफ हमेशा से काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। ऐसे में काम उनके लिए एक तरह का सुकून बन गया है, जहां वह कुछ समय के लिए अपनी परेशानियों से दूर होकर एक अलग दुनिया में जी सकती हैं।
एक्ट्रेस ने कहा, “मेरी पर्सनल लाइफ हमेशा काफी उलझी हुई रही है। ऐसे में अजीब तरह से एक्टिंग मेरी पर्सनल लाइफ से बचने का एक जरिया बन गई है। जब मैं काम पर जाती हूं, तो मुझे एक दूसरी दुनिया में जाने का मौका मिलता है। मैं आरू बनकर जीती हूं और फिर वापस आकर Aishwarya की जिंदगी जीती हूं। एक तरह से ये दोनों जिंदगी मुझे एक-दूसरे से बचने का मौका देती हैं। मेरे लिए एक्टिंग सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं है, बल्कि कई बार यही मेरी शांति की जगह भी बन जाती है।”
12-13 घंटे शूटिंग के बाद खुद से जुड़ने के लिए करती हैं ये काम
टीवी इंडस्ट्री में लंबे समय तक शूटिंग करना आसान नहीं होता। कई बार एक्टर्स को दिन के 12 से 13 घंटे तक किसी दूसरे किरदार की भावनाओं को महसूस करना और उन्हें पर्दे पर उतारना पड़ता है। Aishwarya का मानना है कि ऐसे में खुद के लिए समय निकालना और अपनी असली पहचान से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि खाना बनाना, मेडिटेशन करना और अपने करीबी दोस्तों से बात करना उन्हें काफी मदद करता है।
एक्ट्रेस के मुताबिक, “खाना बनाना मेरी बहुत मदद करता है। मेडिटेशन मुझे दोबारा खुद से जुड़ने में मदद करता है और अपने करीबी दोस्तों से बात करना भी अच्छा लगता है। किसी और की भावनाओं को 12-13 घंटे तक जीने के बाद कभी-कभी मुझे ऐसी चीज की जरूरत होती है, जो मुझे याद दिलाए कि किरदार से बाहर मैं कौन हूं।”
स्पिरिचुअलिटी ने सिखाया उतार-चढ़ाव को स्वीकार करना
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने के दौरान सफलता और असफलता दोनों का सामना करना पड़ता है। Aishwarya का मानना है कि किसी भी कलाकार को अपनी सफलता या मुश्किल दौर को अपनी पूरी पहचान नहीं बनने देना चाहिए। उनके लिए स्पिरिचुअलिटी और मेडिटेशन ने इस सोच को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “स्पिरिचुअलिटी ने मुझे सिखाया है कि न तो सफलता से बहुत ज्यादा जुड़ना चाहिए और न ही मुश्किल दौर से। मैं कोशिश करती हूं कि जो भी जिंदगी में आए, उसे स्वीकार करूं, उससे सीखूं और आगे बढ़ती रहूं। जब आसपास सब कुछ बहुत ज्यादा उलझा हुआ लगता है, तो यह मुझे चीजों को एक अलग नजरिए से देखने में मदद करता है।”
इंडस्ट्री ने बनाया ज्यादा कॉन्फिडेंट और सेल्फ-अवेयर
Aishwarya का मानना है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन इससे पहले उन्होंने खुद को समझना सीखा। समय के साथ वह अपनी खूबियों, कमजोरियों और उन चीजों को लेकर ज्यादा स्पष्ट हुई हैं, जिन पर वह किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करना चाहतीं।
एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे लगता है कि इस इंडस्ट्री ने सबसे पहले मुझे खुद के प्रति ज्यादा जागरूक बनाया और इसी वजह से मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ा। यहां आपको लगातार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां आपको खुद को समझना होता है। पिछले कुछ सालों में मैं इस बात को लेकर ज्यादा स्पष्ट हुई हूं कि मैं कौन हूं, किन चीजों के लिए खड़ी हूं और किन बातों पर समझौता नहीं करूंगी।”
‘Stay Kind, But Don’t Be Naïve’
रिश्तों और लोगों पर भरोसा करने को लेकर भी Aishwarya की सोच समय के साथ बदली है। एक्ट्रेस ने बताया कि पहले वह मानती थीं कि अगर वह किसी के साथ ईमानदार रहेंगी, तो सामने वाला भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार करेगा। हालांकि, जिंदगी के अनुभवों ने उन्हें सिखाया कि हर व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा, “मैं पहले बहुत जल्दी लोगों पर भरोसा कर लेती थी। मुझे लगता था कि अगर मैं लोगों के साथ सच्ची रहूंगी, तो वे भी मेरे साथ सच्चे रहेंगे। लेकिन जिंदगी ने मुझे सिखाया कि हमेशा ऐसा नहीं होता। कुछ लोग झूठ बोलते हैं, कुछ दिखावा करते हैं और कुछ आपकी अच्छाई का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।”
हालांकि, Aishwarya का मानना है कि बुरे अनुभवों की वजह से इंसान को अपनी अच्छाई नहीं छोड़नी चाहिए। इसके बजाय उसे समझदार बनना चाहिए और अपनी सीमाएं तय करना सीखना चाहिए।
एक्ट्रेस ने कहा, “मैं नहीं चाहती कि इन अनुभवों की वजह से मेरा पहले वाला रूप कड़वा या नकारात्मक हो जाए। मैं चाहती हूं कि वह ज्यादा समझदार बने। दयालु बने रहें, लेकिन भोले न बनें। अपने दिल की अच्छाई को बनाए रखें, लेकिन उन लोगों से खुद को बचाकर रखें, जो इसका फायदा उठाना चाहते हैं।”
सफलता के दिनों में भी नहीं भूलतीं मुश्किल वक्त
Aishwarya ने अपनी जिंदगी के उन दिनों को भी याद किया, जब उनके पास काम नहीं था और चीजें उनके मुताबिक नहीं चल रही थीं। एक्ट्रेस का कहना है कि वह उन मुश्किल दौर को याद रखती हैं, ताकि सफलता मिलने पर भी जमीन से जुड़ी रहें।
उन्होंने कहा, “मुझे वे दिन याद हैं, जब मेरे पास काम नहीं था। मुझे मुश्किल दौर और वे समय याद हैं, जब चीजें मेरे हिसाब से नहीं चल रही थीं। मैं खुद को लगातार याद दिलाती हूं कि कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। इस दुनिया में बदलाव ही एक ऐसी चीज है, जो लगातार होता रहता है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब आप सफल होते हैं, तो आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह बहुत मायने रखता है। हो सकता है कि आगे चलकर आपको उन्हीं लोगों के साथ खड़ा होना पड़े, जब जिंदगी आपके पक्ष में न हो। मेरे लिए सफलता का मतलब कभी भी अपनी इंसानियत को भूल जाना नहीं होना चाहिए।”
Aradhya का किरदार निभाकर लोगों को समझने का नजरिया बदला
Aishwarya के मुताबिक, अलग-अलग तरह के किरदार निभाने से उन्हें लोगों की भावनाओं और उनके व्यवहार को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली है। खासकर ग्रे शेड्स वाले किरदारों ने उन्हें यह समझने का मौका दिया कि किसी व्यक्ति के व्यवहार के पीछे कई बार ऐसी वजहें होती हैं, जिन्हें बाहर से देख पाना आसान नहीं होता।
अपने मौजूदा शो Tum Dena Saath Mera में Aradhya के किरदार के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “जितना ज्यादा मैं आराध्या को समझती हूं, उतना ही ज्यादा मुझे समझ आता है कि उसकी असुरक्षा, जलन और दूसरों से लगातार तुलना करने की आदत कहां से आती है। इससे मुझे एहसास हुआ है कि बहुत कम लोग बिना किसी वजह के ‘विलेन’ बनते हैं। आमतौर पर उनके व्यवहार के पीछे भी एक कहानी होती है।”
एक्ट्रेस का मानना है कि किसी किरदार की भावनात्मक जर्नी को समझने से उसे ज्यादा गहराई के साथ निभाने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे असल जिंदगी में भी लोगों को लेकर उनका नजरिया ज्यादा संवेदनशील हुआ है।
अच्छा व्यवहार और प्रोफेशनलिज्म ही दिलाते हैं लंबी सफलता
अपने करियर में मिली सबसे अहम सीख के बारे में बात करते हुए Aishwarya ने अच्छे व्यवहार और प्रोफेशनलिज्म को सबसे ज्यादा जरूरी बताया। उनके मुताबिक, शोहरत मिलने के बाद अगर इंसान के अंदर घमंड आ जाता है, तो यह उसके पतन की शुरुआत हो सकती है।
एक्ट्रेस ने कहा, “आपका अच्छा स्वभाव, अच्छा व्यवहार और प्रोफेशनलिज्म हमेशा आपके काम आता है। जिस दिन शोहरत की वजह से आपके अंदर घमंड आ जाता है, अक्सर उसी दिन से आपके पतन की शुरुआत होने लगती है। मेरा सच में मानना है कि जब आपके पास ताकत होती है, तब आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह इस बात से कहीं ज्यादा बताता है कि आप कैसे इंसान हैं, बजाय इसके कि आप जरूरत पड़ने पर लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।”
Aishwarya Raj Bhakuni की बातें दिखाती हैं कि उनके लिए एक्टिंग सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि खुद को समझने और जिंदगी से सीखने का एक जरिया भी है। आराध्या के किरदार के जरिए वह न सिर्फ अलग-अलग भावनाओं को पर्दे पर उतार रही हैं, बल्कि लोगों और रिश्तों को देखने का अपना नजरिया भी लगातार विकसित कर रही हैं।