डिजिटल दौर में साइबर अपराध किस हद तक बढ़ चुका है, इसका ताजा उदाहरण बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार के परिवार से जुड़ा मामला है। उनकी नाबालिग बेटी के साथ ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई आपत्तिजनक बातचीत अब एक गंभीर साइबर क्राइम केस बन चुकी है, जिसमें महाराष्ट्र साइबर विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, यह घटना साल 2025 की है, जिसका खुलासा हाल ही में महाराष्ट्र साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने एक साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम के दौरान किया। मुंबई के आर.डी. नेशनल कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी खुद अक्षय कुमार ने सार्वजनिक मंच पर साझा की थी, ताकि लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा सके।
अक्षय कुमार ने अक्टूबर 2025 में एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि उनकी बेटी एक ऑनलाइन वीडियो गेम खेल रही थी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म था, जहां खिलाड़ी अनजान लोगों के साथ भी जुड़ सकते हैं। शुरुआत में एक अजनबी व्यक्ति ने बेहद सामान्य और शिष्ट तरीके से बातचीत शुरू की। वह लड़की के खेल की तारीफ कर रहा था और बातचीत को सहज बनाए हुए था। लेकिन कुछ समय बाद उसने निजी सवाल पूछने शुरू कर दिए, जिससे स्थिति संदिग्ध हो गई।

मामला तब गंभीर हो गया, जब उस व्यक्ति ने लड़की से उसकी पहचान पूछी और यह जानने के बाद कि वह एक लड़की है, उसने अश्लील मांग कर दी। आरोपी ने नाबालिग से न्यूड तस्वीरें भेजने के लिए कहा। यह सुनते ही बच्ची ने तुरंत सतर्कता दिखाई और बिना देर किए गेम बंद कर दिया। इसके बाद उसने पूरी घटना अपनी मां ट्विंकल खन्ना को बताई।
इस घटना को लेकर अक्षय कुमार ने कहा था कि यही वह पल था, जिसने उन्हें एहसास कराया कि साइबर अपराध कितनी चालाकी से और धीरे-धीरे शुरू होते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कई बार बच्चे ऐसे जाल में फंस जाते हैं, जो आगे चलकर ब्लैकमेलिंग और गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र साइबर विभाग ने जांच शुरू की और अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस घटना के बाद अक्षय कुमार ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से स्कूलों में साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष पहल करने की अपील भी की थी। उन्होंने सुझाव दिया कि कक्षा 7वीं से 10वीं तक के छात्रों के लिए हर हफ्ते एक ‘साइबर पीरियड’ अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को ऑनलाइन खतरों के बारे में समय रहते जागरूक किया जा सके।
गौरतलब है कि अक्षय कुमार अपनी बेटी की प्राइवेसी को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं और अक्सर उसे मीडिया की नजरों से दूर रखते हैं। हालांकि, यह घटना यह दिखाती है कि साइबर खतरे किसी को भी निशाना बना सकते हैं चाहे वह आम नागरिक हो या कोई बड़ा सेलिब्रिटी परिवार।
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।