ग्लोबल पॉप आइकन रिहाना एक बार फिर भारत दौरे को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी किसी परफॉर्मेंस या फैशन लुक की नहीं, बल्कि एक ऐसी तस्वीर की है जिसने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। मुंबई में उनके हालिया दौरे के दौरान सामने आई एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह गाय को चारा खिलाती नजर आ रही हैं। पहली नजर में यह तस्वीर सामान्य और संवेदनशील लगती है, लेकिन जैसे ही लोगों की नजर उनके हाथ में पकड़े बैग पर गई, विवाद शुरू हो गया।
दरअसल, इस तस्वीर में रिहाना के दूसरे हाथ में एक हरे रंग का लग्जरी बैग दिखाई दे रहा है, जो Dior का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक, यह बैग “Medium Dior Crunchy Bag” है, जिसकी कीमत करीब 4.30 लाख रुपये बताई जा रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह बैग कैल्फस्किन यानी बछड़े की खाल से बना हो सकता है। इसी दावे ने पूरे मामले को विवाद का रूप दे दिया है।
रिहाना भारत अपने ब्यूटी ब्रांड ‘फेंटी ब्यूटी’ के लॉन्च के सिलसिले में आई थीं और उनके लुक्स व स्टाइल को लेकर पहले से ही चर्चा हो रही थी। लेकिन इस एक तस्वीर ने पूरे नैरेटिव को बदल दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि एक तरफ वह गाय को खाना खिला रही हैं और दूसरी तरफ उनके हाथ में ऐसा बैग है जो कथित तौर पर जानवरों की खाल से बना है। इसे लेकर कई लोगों ने उनके व्यवहार को “दोहरे मानदंड” का उदाहरण बताया।

एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह “विडंबना की तस्वीर” है, जहां करुणा और उपभोग एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर रिहाना की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ यूजर्स का मानना है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के इस तरह के दावे करना सही नहीं है।
इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि रिहाना के हाथ में जो बैग है, वह वास्तव में बछड़े या किसी अन्य जानवर की खाल से बना है। हालांकि, जिस वेबसाइट पर यह बैग उपलब्ध बताया जा रहा है, वहां इसके मटेरियल को लेकर ऐसे दावे किए गए हैं, लेकिन रिहाना या उनकी टीम की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर या स्टाइल को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हो। आज के डिजिटल दौर में एक तस्वीर ही किसी भी मुद्दे को वायरल करने के लिए काफी होती है। रिहाना की यह तस्वीर भी उसी का एक उदाहरण बन गई है, जहां एक साधारण पल ने बड़े विवाद का रूप ले लिया।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया तक ही सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि पब्लिक फिगर्स के हर कदम को किस तरह से देखा और परखा जाता है।