बॉलीवुड के नए स्टार आहान शेट्टी अपनी आने वाली फिल्म Border 2 के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह फिल्म उनके लिए खास इसलिए भी है क्योंकि 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म Border में उनके पिता सुनील शेट्टी मुख्य भूमिका में थे। Border 2 का निर्देशन फिर से जेपी दत्ता कर रहे हैं और इसमें सनी देओल भी वापसी कर रहे हैं। इसके साथ ही वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ जैसे नए चेहरे भी फिल्म में शामिल हैं।
आहान फिल्म में Lt Cdr M. S. Rawat, यानी INS Khukri के भारतीय नौसेना अधिकारी, की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म 23 जनवरी को थिएटर्स में रिलीज़ हो रही है, जो गणतंत्र दिवस के वीकेंड के साथ मेल खाती है।
पिता की छाया में अपनी पहचान
हाल ही में आहान और सुनील शेट्टी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का गर्व है, लेकिन वह खुद को उनके जैसी तुलना में नहीं रखना चाहते।
“मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाऊं। मेरे पास उनका नाम है और मैं उसे सम्मानित करना चाहता हूं। सोशल मीडिया पर लोग कहते हैं, ‘तुम कभी अपने पिता जैसे नहीं बन पाओगे।’ मुझे पता है कि मैं उनके जैसा नहीं बन सकता। यह मेरी अपनी यात्रा है। मैं बस अपनी ईमानदारी और अपने प्रदर्शन में सच्चा रहना चाहता हूं,” आहान ने कहा।
आहान की यह सोच दर्शाती है कि वह सुनील शेट्टी की छाया में जीने के बजाय खुद की अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
सुनील शेट्टी की प्रतिक्रिया
पिता सुनील शेट्टी ने भी आहान की यात्रा की तारीफ की। उन्होंने बताया कि अपने बेटे पर लोग जो भी टिप्पणियां करते हैं, उन्हें देखना कठिन है, लेकिन वह आम तौर पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करते।
“यह कठिन है। यह उनका करियर और उनके फिल्म चयन की यात्रा है। मैं इसमें आम तौर पर नहीं टोकता। लेकिन अगर कोई मेरे बेटे पर गलत टिप्पणी करता है, तो मैं उसे जवाब देने से नहीं डरता। मुझे अपने अनुभव और ईमानदारी पर भरोसा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आहान की डेब्यू फिल्म Tadap के दौरान उन्होंने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, और Border 2 के निर्माण में भी उन्होंने केवल प्रमोशन और इवेंट्स में हिस्सा लिया।
“यह मेरी नहीं, मेरे बेटे की फिल्म है। मैं केवल तभी शामिल होता हूं जब जरूरत होती है। यह उसकी यात्रा है और जब भी उसे मेरी मार्गदर्शन की जरूरत होगी, मैं जरूर मदद करूंगा,” सुनील ने कहा।
Border 2 के लिए उत्साह
Border 2 न केवल एक एक्शन-ड्रामा है, बल्कि भारतीय सेना की वीरता और देशभक्ति की कहानी भी पेश करती है। आहान की भूमिका उनके करियर में एक नया मोड़ साबित हो सकती है।
आहान शेट्टी अपने पिता के नाम पर गर्व करते हुए भी खुद की अलग पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। और सुनील शेट्टी का समर्थन उन्हें यह यात्रा आसान और प्रेरक बनाता है।