ओटीटी पर रिलीज होते ही दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा की सीरीज ‘चिरैया’ चर्चा का केंद्र बन गई है। 20 मार्च को स्ट्रीम हुई इस सीरीज ने शादी, सहमति और मैरिटल रेप जैसे संवेदनशील मुद्दों को सामने लाकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। दर्शकों का कहना है कि यह सीरीज सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि समाज की सच्चाई दिखाने वाली कहानी है, जो रिश्तों के भीतर छिपे दबाव और चुप्पी को उजागर करती है।
क्या है ‘चिरैया’ की कहानी?
‘चिरैया’ एक आदर्श बहू की कहानी है, जो सच के साथ खड़े होने का फैसला करती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उसके देवर पर उसकी पत्नी रेप का आरोप लगाती है। परिवार इस आरोप को दबाने की कोशिश करता है, लेकिन बहू पीड़िता का साथ देती है। इस फैसले से वह अपने ही परिवार के खिलाफ खड़ी हो जाती है। उसके ससुर बेटे को बचाने के लिए हर हद पार करने को तैयार दिखते हैं, जिससे कहानी और ज्यादा तीखी हो जाती है। सीरीज रिश्तों के भीतर सत्ता, दबाव और सहमति की अहमियत को गहराई से दिखाती है।

X पर यूजर्स बोले ये सिर्फ महिलाओं की कहानी नहीं
सीरीज देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूजर्स ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि ‘चिरैया’ सिर्फ महिलाओं की कहानी नहीं बल्कि मानवीय गरिमा की लड़ाई है। कई लोगों ने कहा कि यह शो रिश्तों में चुप्पी को तोड़ता है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है। कुछ यूजर्स ने दिव्या दत्ता के किरदार को बेहद प्रभावशाली बताया और कहा कि उनका अभिनय दिल को छू जाता है।
‘देखते वक्त गुस्सा आया, तो समझिए जरूरी थी’
कई दर्शकों ने यह भी कहा कि सीरीज देखते हुए गुस्सा आना स्वाभाविक है, क्योंकि यह समाज की कड़वी सच्चाइयों को सामने लाती है। एक यूजर ने लिखा कि अगर शो देखते वक्त गुस्सा आया, तो इसका मतलब है कि इसे देखना जरूरी था। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि यह सीरीज पुरुष प्रधान सोच पर सीधा सवाल उठाती है और दिखाती है कि किस तरह महिलाओं की आवाज को परिवार के भीतर दबा दिया जाता है।

पुरुषों के लिए भी जरूरी शो
कुछ प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि ‘चिरैया’ पुरुषों के लिए भी जरूरी शो है। यूजर्स का मानना है कि यह सीरीज शादी में सहमति की अहमियत को समझाती है और उस मानसिकता को चुनौती देती है, जिसमें महिलाओं की इच्छा को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई लोगों ने इसे एक जरूरी ‘रियलिटी चेक’ बताया, जो समाज में मौजूद सोच पर चोट करता है।
दिव्या दत्ता की एक्टिंग बनी सबसे बड़ी ताकत
दर्शकों ने खासतौर पर दिव्या दत्ता की एक्टिंग की जमकर तारीफ की है। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने अपने किरदार को बेहद सादगी और गहराई से निभाया है। सीरीज कुछ जगहों पर भावनात्मक रूप से भारी जरूर हो जाती है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह दर्शकों को असहज बनाती है और सोचने के लिए मजबूर करती है।

दमदार स्टारकास्ट और निर्देशन
‘चिरैया’ में कुल छह एपिसोड हैं और इसका निर्देशन शशांत शाह ने किया है। सीरीज में दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा के अलावा प्रसन्ना बिष्ट, सिद्धार्थ शॉ, फैजल राशिद, टीनू आनंद, सरिता जोशी और अंजुम सक्सेना भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के साथ ‘चिरैया’ ओटीटी पर चर्चा का विषय बनी हुई है और दर्शकों को एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर सोचने के लिए मजबूर कर रही है।