स्क्रीन अवॉर्ड्स 2026 की शाम सितारों से सजी हुई थी, लेकिन महफिल लूटने का काम किया मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन ज़किर खान ने। अपनी सहज कॉमिक टाइमिंग और ‘सख्त लौंडा’ वाली इमेज के लिए मशहूर ज़किर ने जब होस्ट के रूप में माइक संभाला, तो उन्होंने बॉलीवुड के उस दोहरेपन पर करारा और मज़ेदार प्रहार किया, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इस बार उनके निशाने पर था आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर 2’ का शोर और उस पर फिल्म इंडस्ट्री की कथित तौर पर “बनावटी” प्रतिक्रिया।
ज़किर ने बड़ी बेबाकी से इस बात को रेखांकित किया कि कैसे बॉलीवुड में जब कोई फिल्म उम्मीद से कहीं ज़्यादा बड़ी सफलता हासिल करती है, तो पूरा उद्योग उसे बधाई देने के लिए उमड़ पड़ता है, लेकिन उन बधाइयों के पीछे कितनी सच्चाई होती है, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने फिल्म बिरादरी को रोस्ट करते हुए कहा कि आज हर कोई सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर 2’ को अपनी पसंदीदा फिल्म बता रहा है, लेकिन हकीकत में इस फिल्म की बेमिसाल कामयाबी ने कई लोगों की नींद उड़ा दी है।
ज़किर ने तंज कसते हुए कहा, “भाई, आप चाहे जितने भी कॉन्ग्रैचुलेशन वाले पोस्ट डाल लें, कितनी भी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ लगा लें या इंटरव्यू में इसे अपनी सबसे प्यारी फिल्म बता दें, पर सच तो यही है कि ‘धुरंधर 2’ की सक्सेस देखकर सबकी जल तो रही है।” ज़किर का यह कहना था कि पूरा ऑडिटोरियम ठहाकों से गूंज उठा। वहाँ बैठे सितारों के पास ज़किर की इस मासूमियत भरी “सच्चाई” पर मुस्कुराने के अलावा कोई चारा नहीं था।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ज़किर ने एक और शानदार जुमला फेंका जो सीधे फिल्म के बैकड्रॉप और बॉलीवुड के पॉश इलाकों से जुड़ा था। उन्होंने कहा, “बम फिल्म में लयारी में फूटे हैं, पर धुआं बांद्रा से जुहू तक उड़ रहा है।” इस एक लाइन के जरिए ज़किर ने यह साफ कर दिया कि फिल्म में दिखाया गया एक्शन भले ही पर्दे पर हो, लेकिन उसका असली असर और उसकी कामयाबी की तपिश मुंबई के उन आलीशान इलाकों में महसूस की जा रही है जहाँ बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गजों का बसेरा है। उनका इशारा साफ था कि फिल्म की सफलता ने इंडस्ट्री में एक अलग ही तरह की खलबली पैदा कर दी है।
‘धुरंधर 2’ की बात करें, तो रणवीर सिंह के अभिनय और आदित्य धर के निर्देशन ने पर्दे पर वाकई जादू कर दिया है। यह फिल्म महज एक सिनेमाई अनुभव नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर एक सुनामी साबित हुई है। महज़ 18 दिनों के भीतर इस फिल्म ने भारतीय बाज़ार में 1,000 करोड़ रुपये (नेट) का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं अगर वैश्विक स्तर की बात करें, तो 1,600 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ग्रॉस कमाई के साथ इसने बॉलीवुड के लिए सफलता के नए मानक स्थापित कर दिए हैं।
फिल्म की इस अविश्वसनीय रफ्तार ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यही कारण है कि ज़किर खान का यह मज़ाक लोगों को इतना सटीक लगा। जब कोई फिल्म इस स्तर पर बिज़नेस करती है, तो वह पूरे फिल्म जगत के समीकरण बदल देती है। ज़किर ने अपनी कॉमेडी के ज़रिए इसी “जलन और जज्बे” के बीच की पतली लकीर को छुआ।
कुल मिलाकर, ज़किर खान का यह रोस्ट सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं था, बल्कि यह उस उत्साह और प्रतिस्पर्धा का भी प्रतीक था जो ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों के आने से पैदा होती है। उन्होंने अपनी बातों से यह साबित कर दिया कि जहाँ एक तरफ दर्शक इस फिल्म पर प्यार लुटा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्री के अंदर इसे लेकर एक जटिल प्रकार की ईर्ष्या और सम्मान का मिला-जुला भाव है। ज़किर के इस बेबाक अंदाज़ ने स्क्रीन अवॉर्ड्स की रात को न केवल यादगार बना दिया, बल्कि ‘धुरंधर 2’ की ऐतिहासिक सफलता पर एक ऐसी मोहर लगा दी जो आने वाले समय में चर्चा का विषय बनी रहेगी।