भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को राहत मिल गई है। रोहतास जिले के डेहरी कोर्ट ने उन्हें चुनावी विवाद से जुड़े मामले में जमानत दे दी है। यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है, जब पवन सिंह ने काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पवन सिंह के रोड शो को लेकर प्रशासन ने आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान बिना प्रशासन की अनुमति के लंबा रोड शो आयोजित किया। इस दौरान चुनाव आयोग ने संबंधित निर्देश जारी किए और प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
हाल ही में कोर्ट में पेशी के दौरान पवन सिंह ने अपने पक्ष को रखा। कोर्ट परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस नियंत्रित करने में लगी रही। मीडिया और सुरक्षाबलों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। हालांकि अभिनेता ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार किया और गाड़ी में बैठकर वहां से चले गए।
पवन सिंह ने कोर्ट से बाहर निकलते हुए कानून पर भरोसा जताया और कहा कि वे हमेशा न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं। उनके अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला चुनावी प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न हुआ था और इसमें कोई व्यक्तिगत विवाद शामिल नहीं था। पवन सिंह ने कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया है।
इस मामले में डेहरी कोर्ट ने पवन सिंह के साथ अंबुज सिंह को भी जमानत दी है। अंबुज डालमिया नगर के निवासी हैं और रोड शो के दौरान उनके ऊपर भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह का निर्दलीय कदम काफी चर्चा में रहा। उन्होंने बीजेपी से अलग होकर चुनाव लड़ा, जिससे चुनावी समीकरण बदल गए। काराकाट सीट पर सीपीआई माले के राजा राम सिंह कुशवाहा ने जीत हासिल की, जबकि पवन सिंह की हिस्सेदारी के कारण उपेंद्र कुशवाहा तीसरे नंबर पर रह गए। चुनाव के बाद पवन सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में दोबारा शामिल होकर पार्टी की ओर रुख किया।
पवन सिंह के विवादित रोड शो और जमानत के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस और समर्थकों में राहत की लहर देखने को मिली है। उनके समर्थक इसे न्याय व्यवस्था की जीत और पावर स्टार के सम्मान की भावना का प्रतीक मान रहे हैं।
इसके अलावा, पवन सिंह हाल के समय में कुछ अन्य विवादों में भी रहे हैं। उनकी पत्नी ज्योति सिंह से संबंधों को लेकर चर्चाएं रही हैं। इसके अलावा मंच पर गुस्सा दिखाने और कुछ सहयोगी कलाकारों के प्रति अनुचित व्यवहार की खबरें भी मीडिया में आई थीं। पवन सिंह के खेसारी लाल यादव पर दिए गए कमेंट्स ने भी उन्हें विवादों में ला दिया।
फिलहाल, डेहरी कोर्ट की जमानत के बाद पवन सिंह को कानूनी राहत मिल गई है और वे अपने आगामी प्रोजेक्ट और राजनीति में सक्रिय रहने की तैयारी कर सकते हैं। कोर्ट से मिली राहत उनके समर्थकों के लिए भी बड़ी खबर है और इसने उनके करियर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर दिया है।
पवन सिंह की जमानत उनके लिए एक नई शुरुआत का मौका है। उनके फैंस और इंडस्ट्री सहयोगियों को उम्मीद है कि अब अभिनेता अपने विवादों से बाहर आकर पेशेवर और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अदालत की कार्रवाई और जमानत ने यह संदेश भी दिया है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करना सभी नागरिकों के लिए जरूरी है, चाहे वे मनोरंजन उद्योग के बड़े सितारे ही क्यों न हों।
इस जमानत के साथ पवन सिंह का नाम फिर से सुर्खियों में है और उनके समर्थक उन्हें आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी उनके समर्थन में खड़े हुए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि पवन सिंह की लोकप्रियता और प्रभाव अभी भी बरकरार है।