लोकप्रिय टीवी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ से अचानक विदाई लेने के बाद अभिनेत्री शुभांगी अत्रे लगातार चर्चा में हैं। करीब दस साल तक अंगूरी भाभी के किरदार से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली शुभांगी के इस फैसले ने फैंस को चौंका दिया। शो छोड़ते ही यह सवाल उठने लगा कि क्या उन्होंने जल्दबाज़ी में अपना बना-बनाया करियर दांव पर लगा दिया? अब इन तमाम अटकलों के बीच अभिनेत्री ने सामने आकर अपने फैसले की वजह और मन की स्थिति को खुलकर साझा किया है।
शुभांगी अत्रे लंबे समय तक ‘भाबीजी घर पर हैं’ का चेहरा रहीं। अंगूरी भाभी के किरदार में उनकी मासूमियत, कॉमिक टाइमिंग और खास अंदाज़ ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इससे पहले इस किरदार को शिल्पा शिंदे निभा चुकी थीं, लेकिन उनके शो छोड़ने के बाद शुभांगी ने इस भूमिका को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ऐसे में अचानक शो को अलविदा कहना कई लोगों को हैरान कर गया।
शो छोड़ने के बाद शुभांगी ने कई इंटरव्यू दिए। इसी क्रम में उन्होंने वरिष्ठ एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट विक्की लालवानी से बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने फैसले के पीछे की सोच को विस्तार से समझाया। अभिनेत्री ने साफ किया कि यह फैसला अचानक नहीं था, बल्कि काफी समय से उनके मन में चल रहा था।
शुभांगी अत्रे ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से शो छोड़ने के बारे में सोच रही थीं। उन्होंने कहा कि ‘भाबीजी घर पर हैं’ उनके करियर का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है, लेकिन लंबे समय तक एक ही किरदार निभाने के बाद उनके मन में आगे बढ़ने की इच्छा जागने लगी थी। सेट पर काम करते हुए भी वह अक्सर खुद से सवाल करती थीं कि अब आगे क्या करना है और क्या वह अपने करियर में कुछ नया आज़माना चाहती हैं।
हालांकि, यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था। शुभांगी ने माना कि एक सफल और सुरक्षित शो छोड़ना किसी भी कलाकार के लिए बड़ा जोखिम होता है। अंगूरी भाभी का किरदार उनके लिए न सिर्फ लोकप्रियता लेकर आया, बल्कि एक तरह का कम्फर्ट जोन भी बन गया था। ऐसे में उस दायरे से बाहर निकलना डर और असमंजस से भरा था।
अभिनेत्री ने यह भी साझा किया कि इस फैसले में उनकी बेटी ने अहम भूमिका निभाई। शुभांगी के मुताबिक, जब वह खुद निर्णय नहीं ले पा रही थीं, तब उनकी बेटी ने उन्हें आगे बढ़ने और खुद पर भरोसा करने की प्रेरणा दी। बेटी की बातों ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि अगर वह अपने सपनों और संभावनाओं को परखना चाहती हैं, तो जोखिम उठाना जरूरी है।
शुभांगी ने कहा कि कई बार जिंदगी में ऐसा मोड़ आता है, जब आपको अपनी सुरक्षित दुनिया से बाहर निकलकर खुद को चुनौती देनी होती है। उनके अनुसार, अगर वह सिर्फ डर के कारण शो में बनी रहतीं, तो शायद आगे चलकर उन्हें अफसोस होता कि उन्होंने खुद को मौका नहीं दिया।
शो छोड़ने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ फैंस ने उनके साहस की तारीफ की, तो कुछ ने इसे जल्दबाज़ी भरा कदम बताया। शुभांगी ने इन प्रतिक्रियाओं को सहजता से लिया और कहा कि हर किसी की अपनी राय होती है, लेकिन एक कलाकार के तौर पर उन्हें अपने दिल की सुननी थी।
जहां तक पछतावे की बात है, अभिनेत्री ने यह स्वीकार किया कि कभी-कभी मन में सवाल जरूर आता है कि क्या फैसला सही था, लेकिन इसे वह पछतावा नहीं मानतीं। उनके मुताबिक, यह स्वाभाविक है कि जब आप लंबे समय से जुड़ी किसी चीज़ को छोड़ते हैं, तो भावनात्मक उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपने गलत किया है।
फिलहाल शुभांगी अत्रे अपने करियर के नए विकल्पों पर ध्यान दे रही हैं। वह अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहती हैं और खुद को एक कलाकार के रूप में नए सिरे से साबित करना चाहती हैं। उनका मानना है कि टीवी इंडस्ट्री में बदलाव जरूरी है और कलाकारों को समय-समय पर खुद को रीइन्वेंट करते रहना चाहिए।
कहा जा सकता है कि ‘भाबीजी घर पर हैं’ छोड़ने का शुभांगी अत्रे का फैसला सोच-समझकर लिया गया कदम था। भले ही यह जोखिम भरा हो, लेकिन अभिनेत्री इसे अपने करियर की नई शुरुआत मान रही हैं। आने वाले समय में दर्शक उन्हें किस नए अवतार में देखते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।