भोजपुरी स्टार पवन सिंह और हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव से जुड़ा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। महिला आयोग द्वारा पवन सिंह को नोटिस भेजे जाने के बाद अब अंजलि राघव ने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि उन्होंने पवन सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी PR टीम के खिलाफ शिकायत की है। अंजलि का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, जिसके चलते उन्हें महिला आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
“पवन सिंह के खिलाफ नहीं की शिकायत”
अंजलि राघव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, इस शिकायत में उन्होंने सीधे तौर पर पवन सिंह पर आरोप नहीं लगाया। उनका कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर उनके बारे में गलत बातें फैलाई गईं। अंजलि के मुताबिक, कुछ फर्जी इंटरव्यू चलाए गए, जिनमें उनके बारे में गलत दावे किए गए। कहा गया कि वह बिहार में ऑर्केस्ट्रा में काम करती थीं और कई अन्य बातें भी जोड़ दी गईं, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई।

उन्होंने बताया कि इन दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था। अंजलि ने कहा कि वह कभी बिहार गई ही नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर उन्हें बदनाम किया गया। इस वजह से उन्होंने पहले साइबर सेल और पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई में देरी होती रही।
“पोर्न साइट्स पर डाली गईं तस्वीरें”
अंजलि राघव ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने के बाद मामला और गंभीर हो गया। उनके अनुसार, उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कथित तौर पर पोर्न साइट्स पर किया गया। उन्होंने कहा कि कई वीडियो के थंबनेल में उनकी तस्वीर लगाकर गलत कंटेंट चलाया गया और उनके नाम के साथ आपत्तिजनक शब्द जोड़ दिए गए। यह सब उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था।

अंजलि का कहना है कि उन्होंने साइबर सेल से इन पेजों को हटाने की मांग की, लेकिन कार्रवाई में समय लग रहा था। इसके बाद उन्होंने महिला आयोग में शिकायत दी, ताकि इन आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों से माफी मंगवाई जाए।
“पवन सिंह ने माफी मांग ली थी”
अंजलि राघव ने इंटरव्यू में यह भी बताया कि स्टेज इवेंट से जुड़े विवाद को लेकर पवन सिंह ने पहले ही माफी मांग ली थी और उनके अनुसार वह मामला वहीं खत्म हो गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें सलाह दी गई थी कि वह सोशल मीडिया पर लिख दें कि मामला समाप्त हो गया है, जिसे उन्होंने मान भी लिया। हालांकि, बाद में विवाद दोबारा बढ़ा और उनके खिलाफ पोस्ट और कमेंट आने लगे।

अंजलि का दावा है कि उन्होंने जब इस बारे में संबंधित लोगों से बात की, तो उनसे वीडियो हटाने को कहा गया। उन्होंने वीडियो नहीं हटाया, जिसके बाद उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलने लगा। उन्होंने कहा कि उनके कमेंट सेक्शन में लगातार अपशब्द लिखे जा रहे थे और इससे उनकी छवि प्रभावित हुई।
महिला आयोग में क्यों पहुंचीं अंजलि?
अंजलि राघव के मुताबिक, उन्होंने महिला आयोग में जो शिकायत की, वह सोशल मीडिया पर फैलाए गए कंटेंट और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने को लेकर थी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ इतना था कि उनके खिलाफ डाले गए गलत पोस्ट हटाए जाएं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। अंजलि ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में पवन सिंह की भूमिका सिर्फ शुरुआत तक सीमित थी।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया है कि महिला आयोग ने 2 अप्रैल को दोनों पक्षों को बुलाया है। अंजलि ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि पवन सिंह को किस आधार पर नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनकी शिकायत उनकी PR टीम के खिलाफ ही है। फिलहाल इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब सभी की नजर महिला आयोग की सुनवाई पर टिकी है।