टीवी इंडस्ट्री में Yeh Rishta Kya Kehlata Hai, Qurbaan Hua, Love by Chance और Jhanak जैसे शोज में नजर आ चुके एक्टर श्रेय पारीक अब फिल्म Oye Chill Maar के जरिए बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं। टेलीविजन पर एक दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद श्रेय अब अपने करियर में किरदारों और कहानियों को लेकर पहले से ज्यादा सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं। एक्टर का कहना है कि उनके लिए लगातार काम करने से ज्यादा जरूरी ऐसा काम करना है, जो उन्हें एक कलाकार के तौर पर आगे बढ़ाए।
सही किरदारों के लिए काम को मना करना आसान नहीं
अपने प्रोजेक्ट्स को चुनने के बारे में बात करते हुए श्रेय पारीक ने कहा, “मैं जिस तरह का काम करना चाहता हूं, उसे लेकर बहुत कॉन्शियस हूं। मेरे लिए सही किरदार और रोल चुनना बेहद जरूरी है। सच कहूं तो मिडिल क्लास फैमिली से आने और शहर में गुजारा करने के लिए काम को मना करना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन मैंने अपने करियर की शुरुआत में ही यह फैसला ले लिया था और आज भी उस पर कायम हूं।”
श्रेय का मानना है कि करियर में हर मिलने वाले प्रोजेक्ट को स्वीकार करना जरूरी नहीं है। कई बार अपनी पसंद के किरदारों के लिए इंतजार करना भी उतना ही जरूरी होता है।
मुश्किल दौर ने बनाया मजबूत
एक्टर ने बताया कि उनके करियर में ऐसे कई दौर आए, जब उन्होंने तुरंत अगला प्रोजेक्ट साइन करने के बजाय अपनी पसंद के रोल का इंतजार किया। इस दौरान उन्हें कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें जिंदगी के अहम सबक सिखाए।
श्रेय ने कहा, “शोज के बीच उन ब्रेक्स में, जब मैं अपने पसंदीदा किरदारों का इंतजार कर रहा था, मैंने बहुत कुछ सीखा। मैंने उस समय लोगों को बदलते हुए देखा। मेरे दोस्त, को-एक्टर्स और यहां तक कि रिश्तेदार भी अलग तरह से व्यवहार करने लगे थे। लेकिन मैं अपने फैसले पर कायम रहा, क्योंकि मुझे पता था कि मैं खुद को साबित करूंगा। वह समय बहुत मुश्किल था, लेकिन उसी ने मुझे एक वॉरियर बनाया।”
‘मेरे लिए कला सबसे पहले है और हमेशा रहेगी’
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में लगातार काम करने का दबाव कलाकारों के लिए काफी ज्यादा होता है। खासकर तब, जब किसी प्रोजेक्ट से अच्छी कमाई और आर्थिक सुरक्षा मिल रही हो। हालांकि, श्रेय का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने जुनून को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा, “यह फैसला लेना वास्तव में बहुत मुश्किल था, जब आपको पता हो कि किसी प्रोजेक्ट से अच्छा पैसा मिलेगा और कई तरह से आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी। लेकिन मेरे दिमाग में हमेशा एक बात थी कि मुझे बस एक मौका चाहिए, सिर्फ एक, और मैं सब कुछ बदल दूंगा। मेरे लिए कला सबसे पहले है और हमेशा रहेगी।”
अब लीड रोल से ज्यादा परफॉर्मेंस पर फोकस
श्रेय पारीक के मुताबिक, समय के साथ एक अच्छे किरदार को लेकर उनकी सोच भी काफी बदल गई है। पहले वह लीड रोल को ही अच्छा किरदार मानते थे, लेकिन अब उनके लिए किरदार की गहराई और परफॉर्म करने का मौका ज्यादा मायने रखता है।
एक्टर ने बताया, “हां, बिल्कुल, मेरी समझ बदली है। शुरुआत में मेरे लिए अच्छा रोल हमेशा लीड रोल होता था, चाहे कहानी कैसी भी हो। लेकिन अब मेरे लिए सबसे जरूरी परफॉर्म करने की क्षमता है। अब मैं ऐसे रोल करना चाहता हूं, जिनमें मुझे अपनी एक्टिंग दिखाने और एक कलाकार के तौर पर खुद को एक्सप्लोर करने का मौका मिले।”
Oye Chill Maar को लेकर एक्साइटेड हैं श्रेय
अपनी बॉलीवुड डेब्यू फिल्म Oye Chill Maar के बारे में बात करते हुए श्रेय ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को चुनना उनके लिए एक तरह का रिस्क था। फिल्म की टीम में नए कलाकारों और पहली बार प्रोडक्शन कर रहे लोगों के साथ काम करना एक अलग अनुभव रहा, लेकिन उन्हें अपने किरदार और मेकर्स की ईमानदारी पर भरोसा था।
उन्होंने कहा, “इस फिल्म में नए लोग हैं, एक नई और एक्सपीरियंस हासिल कर रही टीम है और पहली बार प्रोडक्शन करने वाले प्रोड्यूसर्स हैं। उनके साथ काम करना एक तरह का रिस्क था, लेकिन मुझे अपना किरदार सच में बहुत पसंद आया। मुझे मेकर्स की ईमानदारी और टीमवर्क अच्छा लगा। मुझे पूरा भरोसा है कि लोगों को फिल्म और मेरा काम पसंद आएगा।”
माता-पिता के भरोसे ने दिया हौसला
अपने करियर के मुश्किल दौर में धैर्य बनाए रखने के बारे में श्रेय ने कहा कि एक्टिंग के प्रति उनका जुनून और परिवार का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि कला के प्रति मेरा जुनून और उसके लिए धैर्य रखने की आदत ने मुझे इन मुश्किल परिस्थितियों से आसानी से निपटना सिखाया। और निश्चित रूप से सबसे बड़ी बात मेरे माता-पिता का मुझ पर भरोसा है।”
10 साल के इंतजार के बाद बड़े पर्दे पर दिखेंगे श्रेय
टेलीविजन से बॉलीवुड तक का सफर श्रेय के लिए आसान नहीं रहा है। एक्टर के मुताबिक, अपने करियर के मौजूदा दौर में उन्हें सबसे बड़ी चुनौती खुद को साबित करने की है। एक दशक से ज्यादा समय तक इंडस्ट्री में काम करने के बाद बड़े पर्दे पर खुद को देखना उनके लिए एक खास जिम्मेदारी भी है।
श्रेय ने कहा, “मुझे लगता है कि मेरा मौजूदा दौर ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि अब आपको अपनी पसंद का किरदार ढूंढना है और यह जिम्मेदारी भी लेनी है कि आपका इंतजार सही साबित हो। मुझे 75 एमएम की स्क्रीन तक पहुंचने और खुद को उस पर देखने में 10 साल से ज्यादा का समय लगा।”
आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर श्रेय पारीक की प्राथमिकता बिल्कुल साफ है। उनके लिए किसी फिल्म या शो में किरदार का बड़ा होना जरूरी नहीं, बल्कि कहानी और उसमें उनके किरदार की अहमियत मायने रखती है।
उन्होंने कहा, “मैं अपने अगले प्रोजेक्ट में सिर्फ कंटेंट देख रहा हूं। अगर किसी प्रोजेक्ट का कंटेंट शानदार है और उसमें मेरा किरदार मजबूत है, जिसमें मुझे एक एक्टर के तौर पर कुछ नया एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है, तो मुझे छोटा रोल करने में भी कोई परेशानी नहीं है।”