कन्नड़ फिल्म केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर उठा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। भारत सरकार ने इस गाने पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। बुधवार को संसद में भी इस मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई, जहां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि गाने पर पहले ही बैन लगाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूरी तरह निरंकुश नहीं होती, बल्कि इसे संविधान द्वारा तय सीमाओं के भीतर रहकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। समाज और संस्कृति के मूल्यों को ध्यान में रखते हुए ही ऐसी स्वतंत्रता का उपयोग होना जरूरी है।
रिलीज के साथ ही बढ़ा विवाद
गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। रिलीज होते ही इसके बोल और डांस स्टेप्स को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे अश्लील और आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया।
विवाद बढ़ता देख मेकर्स ने गाने को यूट्यूब से हटा लिया और अब इसे नए वर्जन में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें बोलों में बदलाव किया जाएगा ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।
संसद में भी उठा मुद्दा
लोकसभा में इस गाने को लेकर सवाल उठाए गए, जिसके बाद मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि सरकार ने इस पर कार्रवाई कर दी है। साथ ही सेंसर बोर्ड को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह मामले में सख्त कदम उठाए।
शिकायतें बढ़ीं, आयोग तक पहुंचा मामला
इस गाने के खिलाफ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गाने के बोल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और उन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में महिलाओं के प्रति गलत सोच को बढ़ावा देती है और युवा पीढ़ी पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
सामाजिक मुद्दा बना विवाद
यह मामला अब सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सामाजिक मूल्यों और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा बन गया है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की सामग्री पर रोक लगाई जा सके और फिल्म इंडस्ट्री में जिम्मेदारी बढ़े।