मुजफ्फरपुर का गरहां पशु मेला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पहले महिला डांसरों के बीच मंच पर हुई हाथापाई ने माहौल गरमा दिया था, और अब भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में बेकाबू भीड़ ने पूरे मेले को अफरा-तफरी में बदल दिया। मनोरंजन के लिए जुटी हजारों की भीड़ अचानक हंगामे में तब्दील हो गई, जिससे हालात संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।
बुधवार शाम गरहां स्थित अर्जुन बाबू पशु मेले में खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम की घोषणा होते ही फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर से ही लोग मंच के आसपास जमा होने लगे थे। जैसे-जैसे कार्यक्रम का समय करीब आया, भीड़ बढ़ती चली गई। खेसारी की एक झलक पाने के लिए दर्शक बैरिकेडिंग के पास पहुंचने लगे और धीरे-धीरे धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई। मंच के करीब पहुंचने की होड़ में लोग एक-दूसरे से उलझ पड़े। भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग गिरते-पड़ते नजर आए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन हजारों की संख्या में मौजूद लोगों के सामने इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले समझाइश दी गई, लेकिन जब धक्का-मुक्की बढ़ती गई तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर तक मेला परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यक्रम शुरू होते ही भीड़ अचानक आगे बढ़ी और सुरक्षा घेरा टूट गया। लोग मोबाइल से वीडियो बनाने और मंच के करीब पहुंचने की कोशिश में एक-दूसरे के ऊपर गिरते रहे। पुलिस की सख्ती के बाद ही स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। हालांकि, इस दौरान मेला परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुईं। बड़ी संख्या में लोग एक साथ बाहर निकलने लगे, जिससे एनएच-57 पर लंबा जाम लग गया। वाहनों की कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं। ट्रैफिक नियंत्रित करने में पुलिस को देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी।
यह पहली बार नहीं है जब इस मेले में हंगामा हुआ हो। कुछ दिन पहले ही मंच पर महिला डांसरों के बीच जमकर मारपीट हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दावे किए गए थे, लेकिन खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में वे दावे कमजोर पड़ते नजर आए।
इस विशाल पशु मेले के आयोजक बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रामसूरत राय बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के बाद आयोजकों और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर हालात को संभालने की कोशिश की। पुलिस की सख्ती के बाद भीड़ कुछ हद तक शांत हुई, लेकिन पूरे इलाके में देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मनोरंजन के लिए जुटे दर्शकों के बीच अचानक बने इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने मेले को चर्चा का केंद्र बना दिया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। फिलहाल यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।