मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और मशहूर बिजनेसमैन संजय कपूर का हाल ही में निधन हो गया। संजय की मृत्यु से न केवल उनके निजी जीवन से जुड़े लोग बल्कि पूरा कारोबारी जगत और सोशल मीडिया भी स्तब्ध है। लेकिन अब खबरों का केंद्र उनकी मौत से आगे बढ़कर उनकी बेटी सफीरा कपूर पर आ गया है, जो अपने सरनेम को लेकर लाइमलाइट में आ गई हैं। संजय कपूर की संपत्ति, पारिवारिक विवाद, और बेटी का सरनेम बदलना— इन सभी मुद्दों ने मिलकर एक बड़े पारिवारिक नाटक का रूप ले लिया है।
संजय कपूर कौन थे?
संजय कपूर Sona Group of Industries के मालिक और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जुड़े एक प्रभावशाली उद्योगपति थे। उन्होंने बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर से 2003 में शादी की थी, लेकिन यह शादी ज्यादा लंबी नहीं चली और 2016 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद संजय ने प्रियाल गर्ग से दूसरी शादी की और उनसे दो बच्चे हुए। पहली शादी से उनका एक बेटा कियान राज कपूर और बेटी सामायरा कपूर हैं। लेकिन खबरों में जो नाम सबसे अधिक चर्चा में है, वह है उनकी सौतेली बेटी सफीरा कपूर।
कौन हैं सफीरा कपूर?
सफीरा, संजय कपूर की दूसरी पत्नी प्रियाल की पहली शादी से बेटी हैं। कानूनी तौर पर वह संजय कपूर की जैविक संतान नहीं हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें अपनाया और अपना सरनेम भी दिया था — Kapur। संजय के निधन के बाद सफीरा अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चर्चा में आईं, जिसमें उन्होंने अपने नाम से ‘कपूर’ हटाने की बात की। इसके बाद से ही यह मुद्दा मीडिया और इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
करोड़ों की संपत्ति और वारिसों की चर्चा
संजय कपूर की संपत्ति की बात करें तो यह आंकड़ा लगभग 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये के बीच आंका जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट, होटल्स, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री, और विदेशी निवेश शामिल हैं।
- उनके निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना है कि यह संपत्ति किसे मिलेगी?
- पहली पत्नी करिश्मा कपूर और उनके दो बच्चों का क्या हक होगा?
- दूसरी पत्नी प्रियाल और उनके बच्चों को क्या मिलेगा?
- क्या सफीरा इस संपत्ति में हिस्सेदार मानी जाएंगी?
इन सभी सवालों का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं है, क्योंकि संजय कपूर की वसीयत सार्वजनिक नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर सफीरा का बयान
सफीरा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा: “मैं अब अपना सरनेम बदल रही हूं। कपूर नाम मुझे मिला था लेकिन अब यह मेरी पहचान का हिस्सा नहीं रहना चाहिए। मैं अपनी मां के नाम से जुड़कर आगे बढ़ना चाहती हूं।” इस बयान ने इंटरनेट पर एक बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे आत्म-सम्मान और पहचान की खोज बता रहे हैं, तो कुछ इसे संपत्ति विवाद से दूरी बनाने की कोशिश मान रहे हैं।
परिवार में दरार की अटकलें
सफीरा का सरनेम बदलना एक निजी निर्णय हो सकता है, लेकिन इसे परिवारिक कलह और संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो संजय कपूर की मौत के बाद से परिवार के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। करिश्मा कपूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनकी नजदीकी मित्रों का कहना है कि वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानून के जानकारों का मानना है कि अगर संजय कपूर ने सफीरा को कानूनी रूप से गोद लिया था, तो वह भी संपत्ति में बराबरी की दावेदार हो सकती हैं। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, और उन्होंने सिर्फ सामाजिक रूप से उन्हें अपना नाम दिया था, तो उनकी दावेदारी कमजोर हो सकती है। वहीं यदि कोई वसीयत मौजूद है जिसमें नाम स्पष्ट हैं, तो उसी के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
करिश्मा कपूर का मौन
करिश्मा कपूर ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। वह अपने बच्चों के साथ प्राइवेट जीवन जीना पसंद करती हैं और मीडिया से दूरी बनाए रखती हैं। हालांकि करीबी सूत्रों का कहना है कि वह बच्चों के अधिकार को लेकर कानूनी सलाह ले रही हैं।