हिंदी सिनेमा का एक और चमकता सितारा हमेशा के लिए ओझल हो गया। दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। सोमवार दोपहर उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर की पुष्टि उनके करीबी मित्र और अभिनेता अवतार गिल ने की। भरत कपूर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई उन्हें नम आंखों से याद कर रहा है।
अवतार गिल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें यह दुखद सूचना भरत कपूर के बेटे राहुल से मिली। राहुल ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे उनके पिता को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और वे बीमार चल रहे थे। अवतार गिल ने भावुक होते हुए कहा कि भरत कपूर उनके लिए सिर्फ एक सहकर्मी नहीं, बल्कि बड़े भाई, गुरु और सच्चे दोस्त जैसे थे। उन्होंने कहा कि दोनों की दोस्ती 50 साल से भी ज्यादा पुरानी थी और उन्होंने साथ में कई नाटक और फिल्में की थीं।
भरत कपूर ने अपने अभिननमें हिंदुस्तान की कसम, य करियर की शुरुआत साल 1972 में की थी और लगभग चार दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिसोने पे सुहागा, बलिदान, राम बलराम, नूरी, इंकार, लव स्टोरी, बाजार, गुलामी, सत्यमेव जयते, स्वर्ग, खुदा गवाह और साजन चले ससुराल जैसी फिल्में शामिल हैं।

भरत कपूर खासतौर पर अपनी दमदार नकारात्मक भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अलग पहचान दिलाई। फिल्मों के अलावा उन्होंने छोटे पर्दे पर भी अपनी छाप छोड़ी। वे चंद्रकांता, तारा, सास, अमानत और भाग्यविधाता जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में भी नजर आए।
उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक है। कई कलाकार और फिल्मी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। अंतिम संस्कार सायन अस्पताल के पास स्थित श्मशान घाट में शाम 6 बजे किया गया। वहीं, 30 अप्रैल को उनका चौथा संस्कार नॉर्थ बॉम्बे एसोसिएशन में आयोजित किया जाएगा।

परिवार की बात करें तो भरत कपूर अपने पीछे पत्नी लोपा और दो बेटे राहुल व सागर को छोड़ गए हैं। कुछ साल पहले उनकी बेटी कविता का निधन हो गया था, जिससे परिवार पहले ही एक बड़े सदमे से गुजर चुका था। अब भरत कपूर के जाने से यह दुख और गहरा हो गया है।
हिंदी सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय और यादगार किरदारों के जरिए भरत कपूर ने जो पहचान बनाई, वह हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनका योगदान और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।