90 के दशक का लोकप्रिय गाना “मुझको राणाजी माफ करना” आज भी हिंदी संगीत प्रेमियों के बीच एक खास पहचान रखता है। अपने समय में यह गाना जबरदस्त हिट हुआ था और इसकी लोकप्रियता ने इसे यादगार बना दिया था। अब कई सालों बाद इस गाने को नए अंदाज और नए संगीत के साथ “राणाजी 2.0” के रूप में दोबारा रिलीज किया गया है। नए वर्जन में अभिनेत्री माहिरा शर्मा नजर आ रही हैं, जिन्होंने इस गाने को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश की है।
नए वर्जन की रिलीज के बाद अब इस गाने को लेकर ओरिजिनल गाने की अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का रिएक्शन भी सामने आया है। ममता कुलकर्णी ने नए गाने और माहिरा शर्मा के काम की तारीफ की है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पुराने गाने की अपनी एक अलग पहचान है, जिसकी तुलना नए वर्जन से होना स्वाभाविक है।
ममता कुलकर्णी ने की माहिरा शर्मा की तारीफ
ममता कुलकर्णी ने “राणाजी 2.0” को लेकर कहा कि माहिरा शर्मा ने अच्छा काम किया है। उन्होंने नए कलाकार की मेहनत और प्रस्तुति की सराहना की। ममता के अनुसार, हर दौर का अपना एक अलग अंदाज होता है और नए कलाकार अपने समय के हिसाब से किसी पुराने गाने को नई पहचान देने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने माना कि नए वर्जन में आधुनिक सोच और नए जमाने की प्रस्तुति देखने को मिलती है। माहिरा शर्मा ने अपनी शैली में इस गाने को पेश किया है, जो आज के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
हालांकि, ममता ने यह भी साफ किया कि 90 के दशक के गाने की लोकप्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उस दौर के गाने सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं थे, बल्कि लोगों की यादों और भावनाओं से जुड़े हुए थे।
“पुराना गाना आज भी लोगों के दिलों में बसा है”
ममता कुलकर्णी ने कहा कि पुराने गाने की तुलना नए वर्जन से होना स्वाभाविक है, क्योंकि “मुझको राणाजी माफ करना” अपने समय का बेहद लोकप्रिय गाना रहा है। इस गाने से जुड़ी लोगों की पुरानी यादें हैं और यही वजह है कि आज भी यह लोगों के बीच खास जगह रखता है।
90 के दशक में इस गाने की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि यह शादी, पार्टियों और संगीत कार्यक्रमों का हिस्सा बन गया था। गाने का संगीत, डांस स्टाइल और ममता कुलकर्णी की स्क्रीन प्रेजेंस ने इसे यादगार बना दिया था।
ममता ने कहा कि पुराने और नए गाने को एक ही नजरिए से देखना सही नहीं होगा, क्योंकि दोनों अपने-अपने समय और संस्कृति को दर्शाते हैं।
पुराने भारतीय अंदाज और नए वेस्टर्न स्टाइल में अंतर
ममता कुलकर्णी ने “राणाजी 2.0” और ओरिजिनल गाने के बीच के अंतर को भी बताया। उनके मुताबिक, पुराने गाने में भारतीय संस्कृति और पारंपरिक अंदाज दिखाई देता था, जबकि नया वर्जन ज्यादा वेस्टर्न स्टाइल और आधुनिक प्रस्तुति पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ संगीत और फिल्मों की शैली बदलती रहती है। आज के दौर में गानों में नए विजुअल्स, अलग तरह की कोरियोग्राफी और आधुनिक फैशन को शामिल किया जाता है। वहीं 90 के दशक के गानों में भारतीय भावनाओं, मेलोडी और पारंपरिक रंग का ज्यादा प्रभाव देखने को मिलता था।
ममता के अनुसार, दोनों गानों की तुलना करने के बजाय उन्हें अलग-अलग दौर की कला के रूप में देखा जाना चाहिए।
फिल्मों में वापसी को लेकर ममता ने कही बड़ी बात
ममता कुलकर्णी लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं। जब उनसे फिल्मों में वापसी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई अच्छी स्क्रिप्ट मिलती है और किरदार उन्हें पसंद आता है तो वह जरूर काम करेंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह अपने करियर और काम को पहले से अलग नजरिए से देखती हैं। उनके लिए सिर्फ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना जरूरी नहीं है, बल्कि कहानी और भूमिका का मजबूत होना ज्यादा मायने रखता है।
ममता ने संकेत दिया कि वह अब ऐसे किरदारों को प्राथमिकता देंगी जो उनके वर्तमान व्यक्तित्व और सोच से मेल खाते हों।
“अब मैं वैसे गाने नहीं करूंगी”
ममता कुलकर्णी ने अपने पुराने गाने “मुझको राणाजी माफ करना” को लेकर कहा कि अब वह उस तरह के गाने नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि समय के साथ उनकी सोच में काफी बदलाव आया है।
ममता अब आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ चुकी हैं और उनकी प्राथमिकताएं पहले से काफी अलग हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जिंदगी के अनुभवों ने उन्हें एक नया नजरिया दिया है और अब वह ऐसे काम करना चाहती हैं जो उनकी वर्तमान सोच से जुड़े हों।
उनका मानना है कि इंसान के जीवन में समय के साथ बदलाव आता है और उसी के अनुसार उसकी पसंद और प्राथमिकताएं भी बदलती हैं।
ममता कुलकर्णी का बदला हुआ सफर
90 के दशक में बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रहीं ममता कुलकर्णी ने कई सफल फिल्मों में काम किया। अपने ग्लैमरस अंदाज और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के कारण वह उस दौर की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं।
हालांकि, बाद के वर्षों में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और आध्यात्मिक जीवन की ओर अपना ध्यान केंद्रित किया। अब जब उनके पुराने गाने को नए रूप में पेश किया गया है, तो एक बार फिर उनके नाम और उनके पुराने दौर की चर्चा शुरू हो गई है।
“राणाजी 2.0” को लेकर ममता कुलकर्णी का रिएक्शन यह दिखाता है कि वह नए कलाकारों के प्रयासों का सम्मान करती हैं, लेकिन साथ ही अपने पुराने गाने की विरासत को भी महत्व देती हैं। उनके अनुसार, हर दौर की अपनी पहचान होती है और पुराने गानों की यादें हमेशा दर्शकों के दिलों में बनी रहती हैं।