प्रतीक शर्मा और पार्थ शाह के Studio LSD के बैनर तले बन रहे शो ‘तुम देना साथ मेरा’ के आगामी एपिसोड में रिश्तों, परिवार और गलतफहमियों के बीच कई नए मोड़ देखने को मिलेंगे। अपराजिता और रक्षित के रिश्ते को लेकर परिवार के सामने सच आने वाला है, वहीं अविनाश के सामने भी नौकरी से जुड़ी नई परेशानी खड़ी हो गई है।
अपराजिता-रक्षित के रिश्ते का सच बताएगी अपराजिता
एपिसोड की शुरुआत मालती के रक्षित और अपराजिता का गर्मजोशी से स्वागत करने से होती है। फूलों की ज्वेलरी देखकर रश्मि इसके बारे में पूछती है। अपराजिता बताती है कि मंदिर में रक्षित ने उसके लिए यह ज्वेलरी खरीदी थी। रश्मि यह भी नोटिस करती है कि जहां अपराजिता ने ज्वेलरी पहनी है, वहीं रक्षित ने कोई चेन या ब्रेसलेट नहीं पहना है। अविनाश रश्मि को ज्यादा सवाल करने से रोक देता है।
इसी बीच रक्षित अपराजिता से परिवार के सामने उनके रिश्ते की सच्चाई बताने के लिए कहता है। अपराजिता उसे भरोसा दिलाती है कि वह डिनर के बाद सबको सच बता देगी। लेकिन जब रक्षित उसे याद दिलाता है कि आराध्या भी वहां मौजूद है, तो अपराजिता पहले उससे बात करने का फैसला करती है।
अपराजिता आराध्या को अलग ले जाकर कहती है कि जब तक वह आगे क्या करना है, यह तय नहीं कर लेती, तब तक वह परिवार को कुछ न बताए। आराध्या उसे भरोसा देती है कि वह अपना फैसला लेने के लिए पूरी तरह आजाद है। वह यह भी कहती है कि सही समय आने पर वह अपनी कहानी खुद सबके सामने बताएगी।
रक्षित और अपराजिता को करीब देखकर खुश हुए पड़ोसी
डिनर के दौरान रक्षित एक बार फिर परिवार को सच बताने की कोशिश करता है, लेकिन तभी पड़ोसी वहां पहुंच जाते हैं और वह रुक जाता है। पड़ोसी विवान से जुड़े स्कैंडल वीडियो को लेकर मजाक करने लगते हैं। आराध्या को यह बिल्कुल पसंद नहीं आता और वह विवान का बचाव करती है।
दूसरी तरफ, रक्षित और अपराजिता के बीच बढ़ती नजदीकियां भी सभी का ध्यान खींचती हैं। रक्षित जब अपराजिता को खाना खिलाता है तो उसके माता-पिता और पड़ोसी दोनों इस पल को देखकर मुस्कुराते हैं। पड़ोसी तो रक्षित की तारीफ करते हुए उसे ‘ग्रीन फ्लैग’ तक कहते हैं।
अविनाश की नौकरी गई, रक्षित के ऑफिस में मांगी नौकरी
इस बीच रश्मि को अविनाश का टर्मिनेशन लेटर मिलता है। मालती भी लेटर देख लेती है और अविनाश से उसकी नौकरी के बारे में पूछती है। अविनाश बताता है कि लेऑफ के चलते उसकी नौकरी चली गई है।
मालती उसे रक्षित के ऑफिस में काम करने की सलाह देती है और कहती है कि उसे रक्षित से इस बारे में बात करनी चाहिए।
बाद में अविनाश रक्षित के पास जाकर उससे उसके ऑफिस में काम करने की संभावना के बारे में पूछता है। वहीं अपराजिता और आराध्या उनकी बातचीत सुन लेती हैं। अब दोनों यह जानने को उत्सुक हैं कि रक्षित अविनाश को क्या जवाब देगा और इसका आगे की कहानी पर क्या असर पड़ेगा।
सुधा और अरविंद के बीच भी हुई गंभीर बातचीत
दूसरी ओर सुधा विवान, अरविंद और मोहित से डिनर करने के लिए कहती है, लेकिन सभी किसी न किसी वजह से मना कर देते हैं। बाद में सुधा शेेला से कहती है कि उसे लगता है परिवार के लोगों को छोड़कर सभी भूखे हैं।
सुधा अपने मन की बात बताते हुए कहती है कि उसे लगता है कि वह सबके लिए सबसे बुरी इंसान बन गई है। वह सवाल करती है कि क्या अपने बेटे की खुशी की चिंता करना गलत है।
अरविंद उसे समझाता है कि मामला सिर्फ सुधा और अपराजिता की लड़ाई का नहीं है। असली मुद्दा सही और गलत के बीच का है और सुधा को दोनों के बीच का फर्क समझना होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि अपराजिता कब परिवार के सामने रक्षित के साथ अपने रिश्ते का सच बताती है और क्या अविनाश को रक्षित के ऑफिस में नई नौकरी मिल पाएगी।