सुपरस्टार रजनीकांत के लिए यह समय दोहरे उत्सव का है—उनकी कमबैक फिल्म कुली कल यानी 14 अगस्त को रिलीज़ हुई और ओपनिंग डे पर ही फिल्म ने रिकॉर्ड ₹50 करोड़ का कलेक्शन क्रैक कर दिया। वहीं, आज 15 अगस्त के दिन थलाइवा ने सिनेमा में 50 साल पूरे कर लिए हैं—एक लंबा, प्रेरणादायक और आइकॉनिक सफर।
AI और वीएफएक्स का कमाल
फिल्म में रजनीकांत के डिऐजिंग (De‑aging) सीन्स ने सभी को चौंका दिया—74 वर्षीय थलाइवा को पल भर में 30 साल का कर पाने की तकनीक ने तकनीकी क्रांति का अहसास कराया। कुली में रजनीकांत को पूरा केंद्र रखा गया जबकि अन्य बड़े कलाकारों (नागार्जुन, श्रुति हासन, आमिर खान, उपेंद्र) के कैमियो ने फिल्म में और रौनक बढ़ा दी।
कहानी में खामी: कम मज़बूती, अधिक ट्विस्ट
कहानी मुख्यतः एक कुली देवा (रजनीकांत) की है जो अपने दोस्त की मौत का रहस्य खोजता है। सफर में कई किरदार—साइमन (नागार्जुन), दयाल (सौबिन शाहिर), कलीशा (उपेंद्र), दाहा (आमिर)— जो जुड़े हैं। लेकिन इस कहानी में स्पष्टता और चपलता की कमी सामान्य दर्शकों तक नस नहीं पहुंचा पाई।
पहला हाफ मज़ेदार, दूसरा धड़ाम
फर्स्ट हाफ में दहाड़ भरने वाले दृश्य, रजनीकांत की एंट्री और मल्टी स्टार कैमेओ से भरपूर मसाला था—दर्शक सीटियाँ बजाते रहे। लेकिन इंटरवल के बाद कहानी की गति धीमी पड़ी और टोनल विसंगति की शिकायतें आईं।
तकनीकी और बैकग्राउंड म्यूजिक का जलवा
निर्देशक लोकेश कनगराज की तकनीकी कुशलता और अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म को जीवंत बनाए रखता है। एक्शन, सेटपीस और संगीत ने जादू चलाया—लेकिन कहानी का पिंड पतला लग रहा था। Critics ने कहानी की कमी पर निराशा जताई, लेकिन फैंस ने रजनी के स्वैग, स्टारडम और मसाले में डूबी फिल्म को ‘complete entertainer’ बताया—बातों में दोनों का विवाद साफ नजर आता है।
बॉक्स ऑफिस संभावनाएँ और पायरेसी की चुनौती
फ़िल्म ने पहले दिन ₹50 करोड़ पार कर लिए हैं और वैश्विक स्तर पर ₹600 करोड़ तक के आंकड़े की उम्मीद की जा रही है। लेकिन रिलीज के कुछ ही घंटों में फिल्म की पाइरेसी शुरू हो गई—जो कमाई में बाधा बन सकती है।