बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म सैयारा को रिलीज हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन अब इस फिल्म को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है। एक्टर और सिंगर अमित जाधव ने दावा किया है कि यह फिल्म उनकी शॉर्ट फिल्म की कहानी से मिलती-जुलती है। अमित का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार फिल्म के मेकर्स से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनके इस आरोप के बाद फिल्मी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
साल 2025 में रिलीज हुई सैयारा को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला था। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था। फिल्म में अहान पांडे और अनीत पड्डा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं और बॉक्स ऑफिस पर इसने शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि अब एक साल बाद इस फिल्म की कहानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

एक इंटरव्यू में अमित जाधव ने दावा किया कि सैयारा की कहानी उनकी शॉर्ट फिल्म ख्वाबों से मिलती-जुलती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को पहले भी उठाने की कोशिश की थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। अमित के मुताबिक, साल 2022 में उन्हें इंस्टाग्राम पर यशराज फिल्म्स की टैलेंट टीम से एक डायरेक्ट मैसेज मिला था। उस मैसेज में उनसे संपर्क करने की बात कही गई थी, लेकिन जब उन्होंने पूछा कि किस प्रोजेक्ट के लिए उनसे बात की जा रही है, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
अमित ने बताया कि वह इस बात से हैरान थे क्योंकि उनका उस प्रोडक्शन हाउस से कोई सीधा संपर्क नहीं था और उन्होंने उनके लिए कोई ऑडिशन भी नहीं दिया था। बाद में जब सैयारा रिलीज हुई तो उनके कुछ दोस्तों ने उन्हें फोन कर बताया कि फिल्म की कहानी उनकी शॉर्ट फिल्म से काफी मिलती-जुलती लग रही है। यह सुनकर अमित खुद भी चौंक गए।

उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने फिल्म के मेकर्स से संपर्क करने की कोशिश की। उन्होंने ईमेल भेजे और यहां तक कि उनके ऑफिस भी जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अमित का कहना है कि अगर फिल्म की कहानी सच में उनकी शॉर्ट फिल्म से प्रेरित है, तो कम से कम उन्हें इसका श्रेय दिया जाना चाहिए था।
इस पूरे विवाद का अमित की निजी जिंदगी पर भी गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया और वह बेहद निराश हो गए थे। अमित के मुताबिक एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने आत्महत्या करने तक का सोच लिया था। उन्होंने कहा कि एक दिन वह काफी नशे में थे और लगभग अपनी जान लेने वाले थे, लेकिन उनके माता-पिता ने समय रहते उन्हें देख लिया और उनकी जान बच गई।
अमित जाधव ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी शॉर्ट फिल्म की कहानी को आधिकारिक रूप से रजिस्टर नहीं कराया था। हालांकि वह स्क्रीनराइटर एसोसिएशन के सदस्य हैं, लेकिन उन्हें लगा कि चूंकि यह एक शॉर्ट फिल्म है और सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर मौजूद है, इसलिए अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।

अब अमित का कहना है कि वह इस मामले में सिर्फ इतना चाहते हैं कि अगर उनकी कहानी से प्रेरणा ली गई है, तो उन्हें उचित श्रेय दिया जाए। उनका मानना है कि इससे न सिर्फ उन्हें न्याय मिलेगा, बल्कि इंडस्ट्री में नए कलाकारों का मनोबल भी बढ़ेगा। फिलहाल इस मामले पर फिल्म के मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अमित के इस दावे ने बॉलीवुड में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।