भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अदाकारा मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नया प्रोजेक्ट नहीं बल्कि उनका हालिया बयान है। रियलिटी शो ‘द 50’ से बाहर होने के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और खुलकर बताया कि शो के दौरान उन्हें किस तरह के हालातों का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि भोजपुरी इंडस्ट्री से आने की वजह से उन्हें भेदभाव का एहसास हुआ।
‘द 50’ में मोनालिसा अपने पति विक्रांत सिंह राजपूत के साथ बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुई थीं। इस शो में कुल 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें टीवी कलाकारों से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तक शामिल थे। हालांकि, मोनालिसा का सफर इस शो में ज्यादा लंबा नहीं चला और वह शुरुआती दौर में ही बाहर हो गईं।
शो से बाहर आने के बाद दिए एक इंटरव्यू में मोनालिसा ने बताया कि उन्होंने इस मंच को नए लोगों से मिलने और दोस्ती बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा था। लेकिन जब वह शो के घर में पहुंचीं, तो माहौल बिल्कुल अलग निकला। उनके मुताबिक, कई प्रतिभागी पहले से ही अपनी दोस्ती और रणनीतियां बनाकर आए थे, जिससे नए लोगों के लिए घुलना-मिलना आसान नहीं था।
मोनालिसा ने साफ कहा, “मैं भोजपुरी इंडस्ट्री से हूं और वहां मैंने करीब 200 फिल्में की हैं। पिछले सात सालों से मैं टीवी इंडस्ट्री में भी लगातार काम कर रही हूं। फिर भी मुझे समझ नहीं आया कि मुझे साइडलाइन क्यों किया जा रहा था।” उनका मानना है कि क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े होने की वजह से उन्हें उतनी अहमियत नहीं दी गई, जितनी बाकी कलाकारों को मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती दिनों में जब टीमों का गठन होता था, तो अधिकतर टीवी और रियलिटी शो के चर्चित चेहरे एक साथ आ जाते थे, जबकि इन्फ्लुएंसर्स का भी अपना मजबूत समूह था। ऐसे में उन्हें और विक्रांत को खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया। मोनालिसा के अनुसार, पहले से बने गठजोड़ इतने मजबूत थे कि नए खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह बनाना बेहद मुश्किल था।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाद में विक्रांत सिंह को खुद को साबित करने का अवसर मिला। शुरुआत में उन्हें कुछ प्रतिभागियों, जैसे रजत दलाल और अदनान शेख, के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन जब विक्रांत ने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया, तब जाकर उन्हें थोड़ी पहचान और महत्व मिला।
मोनालिसा का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। फैंस जहां उनके समर्थन में उतर आए हैं, वहीं कुछ लोग इसे रियलिटी शो का हिस्सा मान रहे हैं। लेकिन एक बात साफ है कि मोनालिसा ने अपने अनुभव को ईमानदारी से साझा कर यह दिखा दिया कि ग्लैमर की दुनिया में भी संघर्ष खत्म नहीं होता, चाहे आपने 200 फिल्में ही क्यों न की हों।
‘द 50’ से बाहर होने के बाद भले ही उनका सफर थम गया हो, लेकिन मोनालिसा का आत्मविश्वास और बेबाकी यह साबित करती है कि वह आगे भी हर मंच पर अपनी पहचान मजबूती से दर्ज कराती रहेंगी।