टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हाल ही में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। फिल्ममेकर फराह खान के यूट्यूब व्लॉग में बातचीत के दौरान मौनी ने बताया कि उन्हें पहला एक्टिंग ब्रेक कैसे मिला। उनकी कहानी सुनकर फराह खान भी हैरान रह गईं।
यूनिवर्सिटी के बाहर स्पॉट हुई थीं मौनी
मौनी ने बताया कि जब वह अपनी यूनिवर्सिटी के बाहर चल रही थीं, तभी एक शख्स ने उन्हें देखा। यह शख्स एकता कपूर की टीम से जुड़ा हुआ था। उसने मौनी को रोका और उनसे बातचीत की।
जब फराह खान ने मौनी से पूछा कि क्या वाकई उन्हें इस तरह चलते हुए स्पॉट किया गया था, तो मौनी ने हां में जवाब दिया। फराह ने कहा कि इंडस्ट्री में अक्सर ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं कि किसी एक्टर को कैफे या किसी दूसरी जगह पर देखकर उन्हें काम मिल गया।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से हुई शुरुआत
मौनी ने बताया कि इसी मौके के बाद उन्हें ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में काम करने का मौका मिला। शो में उन्होंने कृष्णा तुलसी का किरदार निभाया था, जो स्मृति ईरानी के किरदार तुलसी की पोती थी।
मौनी ने शो में अपने किरदार की एंट्री से जुड़ा ट्रैक भी याद किया। उन्होंने बताया कि कहानी में गंगा जिंदगी से हार मानने की स्थिति में थी, तभी एक अनाथ बच्ची सामने आती है, जो आगे चलकर कृष्णा तुलसी बनती है।
एक्टिंग करियर का नहीं था प्लान
मौनी ने यह भी बताया कि जब वह मुंबई आई थीं, तब उनका लंबे समय तक एक्टिंग करने का कोई प्लान नहीं था। वह इंडियन स्ट्रीट थिएटर से जुड़ी थीं और कुछ महीनों के लिए मुंबई में रुकने का सोचकर आई थीं।
उन्होंने सोचा था कि वह तीन-चार महीने समर जॉब करेंगी और फिर दिल्ली वापस लौट जाएंगी। लेकिन बाद में उन्हें मुंबई से प्यार हो गया और देखते ही देखते इस शहर में रहते हुए उन्हें करीब 19 साल हो गए।
सांपों से लगता है डर
फराह खान के साथ बातचीत में मौनी ने अपने टीवी किरदारों और एक डरावने शूटिंग एक्सपीरियंस के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि उनके कई किरदारों के नाम देवी-देवताओं से जुड़े रहे हैं, जैसे कृष्णा, तुलसी, सती, मीरा, शिवांगी और शिवन्या।
‘देवों के देव…महादेव’ के दौरान मौनी ने सांपों को लेकर एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से सांपों से डर लगता है और टीम इस बात से वाकिफ थी। एक शूट के दौरान सेट पर असली सांप लाए गए, जिसकी जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी।
मौनी ने बताया कि सांप को देखते ही वह सेट से दूर भाग गईं और जब तक सांपों को वहां से हटाया नहीं गया, तब तक वापस लौटने से मना कर दिया।
मौनी रॉय की यह कहानी दिखाती है कि यूनिवर्सिटी के बाहर अचानक हुई एक मुलाकात ने उनकी जिंदगी और करियर की दिशा बदल दी और उन्हें ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से टीवी इंडस्ट्री में पहचान मिली।