Tum Dena Saath Mera के आने वाले एपिसोड्स में नया ड्रामा देखने को मिलेगा, क्योंकि रक्षित और अपराजिता के रिश्ते की एक बार फिर परीक्षा होगी। जहां दोनों एक-दूसरे की काफी परवाह करते हैं, वहीं उनकी मां मालती और सुधा के बीच बढ़ता विवाद उनके रिश्ते में गलतफहमियां पैदा कर सकता है।
यह तनाव मालती और सुधा के बीच हुई एक तीखी बहस के बाद शुरू होता है, जिसके कारण दोनों परिवारों के रिश्ते असहज हो जाते हैं। जैसे-जैसे हालात बिगड़ते हैं, रक्षित अपराजिता से उसकी मां के उसके घर आने को लेकर सवाल करता है। हालांकि, अपराजिता उसे याद दिलाती है कि पहले वह उसकी मां के साथ अच्छे रिश्ते में था। जो बातचीत एक सामान्य चर्चा से शुरू होती है, वह जल्द ही एक भावनात्मक बहस में बदल जाती है, जिसमें दोनों अपने-अपने परिवारों का पक्ष मजबूती से रखते हैं।
मतभेदों के बावजूद, रक्षित इस बात के लिए अपराजिता को दोष देने से इनकार कर देता है। वह उसके स्वभाव को समझता है और जानता है कि उनकी मांओं के बीच हुए विवाद में उसकी कोई भूमिका नहीं है। जब भावनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं, तब भी अपराजिता पर उसका भरोसा कायम रहता है और वह मानता है कि उसे दोष देने के बजाय उसके साथ खड़ा होना चाहिए।
उनकी लगातार नोकझोंक और मजेदार तकरार एक बार फिर उनके रिश्ते की खासियत को दिखाती है। चाहे वे कितनी भी बार बहस करें, लेकिन एक-दूसरे के लिए उनकी भावनाएं साफ नजर आती हैं, जिससे दोनों के लिए ज्यादा देर तक नाराज रहना मुश्किल हो जाता है।
जहां अपराजिता अपनी निजी जिंदगी में बढ़ते तनाव को संभालने की कोशिश कर रही है, वहीं उसके कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है। कंपनी में हुए एक गंभीर घोटाले के बारे में जानने के बाद अरविंद उसके पास आता है और उसे सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी सौंपता है।
अरविंद को भरोसा है कि अपराजिता अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और हिम्मत की वजह से इस काम के लिए सही इंसान है। उसे अपनी काबिलियत पर पूरा विश्वास है और वह मानता है कि अपराजिता मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों का सच सामने ला सकती है।
जैसे ही अपराजिता कंपनी के रहस्य की गहराई में जाती है, उसे खुद को दो बड़ी लड़ाइयों के बीच पाती है—एक तरफ उसे एक बड़े घोटाले की जांच पूरी करनी है और दूसरी तरफ रक्षित के साथ अपने रिश्ते में आए तनाव को संभालना है।
आने वाले एपिसोड्स में पता चलेगा कि क्या रक्षित और अपराजिता अपने परिवारों की वजह से पैदा हुई गलतफहमियों को दूर कर पाएंगे और क्या अपराजिता कंपनी घोटाले के पीछे छिपे सच को सामने ला पाएगी।