बॉलीवुड में अक्सर फिल्मों से जुड़े फैसलों को लेकर तरह-तरह के अंदाज़ लगाए जाते हैं। हाल ही में फिल्म OMG 2 को लेकर भी ऐसी ही चर्चाएं सोशल मीडिया पर देखने को मिलीं। खबरें थीं कि अभिनेता परेश रावल ने फिल्म से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि वह अपनी फीस बढ़ाना चाहते थे। हालांकि अब खुद परेश रावल ने इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूरी सच्चाई सामने रखी है।
परेश रावल ने साफ किया कि उनका फैसला पैसों से बिल्कुल भी जुड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि फिल्म के लिए उन्होंने कभी अतिरिक्त फीस की मांग नहीं की और न ही किसी आर्थिक कारण से पीछे हटे। इसकी जगह उन्होंने फिल्म के निर्माण में अपनी ओर से कई रचनात्मक सुझाव दिए, लेकिन कभी भी उसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं की।
अभिनेता ने खुलासा किया कि उन्होंने फिल्म के लिए राइटिंग क्रेडिट तक लेने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि OMG फ्रेंचाइजी और खासतौर पर OMG 2 अभिनेता अक्षय कुमार की बौद्धिक संपदा (IP) का हिस्सा है। ऐसे में वह बिना किसी उचित कारण के अपना नाम उससे जोड़ना सही नहीं समझते थे। यही वजह रही कि उन्होंने क्रेडिट लेने के बजाय सिर्फ अपने सुझाव देना बेहतर समझा।
परेश रावल ने यह भी बताया कि उन्होंने फिल्म के निर्देशक अमित राय को 50 से भी अधिक रचनात्मक आइडियाज़ दिए थे। खास बात यह रही कि उन्होंने ये सभी सुझाव बिना किसी क्रेडिट या पहचान की उम्मीद के दिए। उनका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि फिल्म और बेहतर बन सके। उनके इस बयान ने उन तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया, जिनमें फीस को लेकर विवाद की बात कही जा रही थी।
आज के दौर में जहां फिल्मों में छोटे से छोटे योगदान के लिए भी क्रेडिट और पहचान की होड़ देखने को मिलती है वहीं परेश रावल का यह रवैया अलग मिसाल पेश करता है। उन्होंने दिखाया कि किसी भी रचनात्मक काम में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ उसका बेहतर होना है, न कि हर योगदान का सार्वजनिक श्रेय मिलना।
परेश रावल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर तारीफ हो रही है। कई लोग उनकी सादगी ईमानदारी और फिल्म के प्रति समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि इंडस्ट्री में ऐसे कलाकार कम ही देखने को मिलते हैं, जो व्यक्तिगत पहचान से ऊपर उठकर सिर्फ अच्छे काम को प्राथमिकता दें।
अब यह मामला सिर्फ एक अफवाह का जवाब नहीं रह गया है, बल्कि बॉलीवुड में प्रोफेशनलिज्म और क्रेडिट कल्चर पर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे समय में परेश रावल का यह नजरिया निश्चित रूप से प्रेरणादायक माना जा रहा है।