बॉलीवुड के किंग खान यानी Shah Rukh Khan ने दशकों से अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने खास अंदाज और चार्म से भी लोगों के दिलों पर राज किया है। शाहरुख जो भी पहनते हैं, उसमें उनका व्यक्तित्व और स्टारडम साफ नजर आता है। फैशन डिजाइनर अंजलि फौगाट के लिए शाहरुख का स्टाइल सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी पूरी पर्सनैलिटी से जुड़ा हुआ है।
शाहरुख के स्टाइल को लेकर बात करते हुए अंजलि ने कहा, “स्टाइल वह नहीं है जो आप पहनते हैं। स्टाइल वह है जो आपके कमरे में प्रवेश करते ही महसूस होता है।” उनके मुताबिक यही बात शाहरुख खान को बाकी लोगों से अलग बनाती है।
अंजलि का मानना है कि शाहरुख के स्टाइल को सिर्फ महंगे सूट या उनके किसी पुराने लुक को कॉपी करके दोहराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “शाहरुख खान कपड़े नहीं पहनते। वह एक दौर, एक याद और पूरे देश का प्यार पहनते हैं।”
उनके मुताबिक कपड़े शाहरुख के लुक का सिर्फ एक हिस्सा हैं, जबकि असली आकर्षण उनके व्यक्तित्व में है। अंजलि कहती हैं, “गारमेंट सिर्फ फ्रेम है, उनकी एनर्जी उस तस्वीर की पेंटिंग है।”
शाहरुख पर सबसे ज्यादा जंचता है Bandhgala
शाहरुख खान के लिए किसी खास सिल्हूट की बात करें तो अंजलि की पसंद बिल्कुल साफ है। उन्हें लगता है कि शाहरुख पर बंदगला सबसे ज्यादा शानदार लगता है।
उन्होंने कहा, “मैं कंधे की लाइन और फैब्रिक की सादगी को देखती हूं। और शाहरुख पर बंदगला से बेहतर कुछ नहीं लगता।”
अंजलि को बंदगले की खासियत यह लगती है कि इसमें पारंपरिक भारतीय अंदाज को मॉडर्न और इंटरनेशनल टच दिया जा सकता है। उनके मुताबिक यह शाहरुख की अपनी जर्नी को भी दर्शाता है, जिसमें वह अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए ग्लोबल स्टार बने हैं।
उन्होंने कहा, “यह मॉडर्न दुनिया में मजबूती से खड़ी विरासत है।”
अंजलि के लिए कपड़ों की सबसे बड़ी ताकत तब सामने आती है, जब वह पहनने वाले व्यक्ति के व्यक्तित्व को दिखाते हैं। उनका मानना है कि जब इंसान खुद को अच्छी तरह जानता है, तो सादगी भी बेहद खास लगती है।
‘देवदास’ का लुक है अंजलि का फेवरेट
शाहरुख खान के कई यादगार ऑन-स्क्रीन लुक्स में से अंजलि के लिए ‘देवदास’ सबसे खास है। वह फिल्म के कॉस्ट्यूम्स को सिर्फ खूबसूरत कपड़े नहीं, बल्कि कहानी का हिस्सा मानती हैं।
अंजलि ने कहा, “देवदास। एक ही फिल्म में उन्होंने सफेद रंग में दर्द और हाथ से की गई सुनहरी कढ़ाई में जश्न को पहना।”
उनके मुताबिक फिल्म में कॉस्ट्यूम्स ने किरदारों की भावनाओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “कपड़े भावनाओं को दिखाई देने वाला रूप देते हैं।”
अंजलि का मानना है कि शाहरुख ने ‘देवदास’ में कॉस्ट्यूम और किरदार के बीच के इस रिश्ते को बेहद अच्छी तरह समझा। उनके शब्दों में, “ज्यादातर एक्टर्स कॉस्ट्यूम पहनते हैं। ‘देवदास’ में कपड़ों ने कहानी को पहना और शाहरुख ने उन्हें ऐसा करने दिया।”
उनके मुताबिक किरदार में पूरी तरह डूब जाना ही एक कलाकार को अलग बनाता है। वह कहती हैं कि यह समर्पण ही एक सच्चे कलाकार की पहचान है।
एयरपोर्ट पर शाहरुख से हुई थी मुलाकात
अंजलि को शाहरुख खान से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका भी मिल चुका है। उन्होंने एक एयरपोर्ट पर शाहरुख को Katrina Kaif के साथ देखा था। उस मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने इसे “Mesmerizing” बताया।
अंजलि के मुताबिक उस पल में कोई बड़ा या फिल्मी अंदाज वाला जेस्चर नहीं था, बल्कि शाहरुख की सहजता ने उनका ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, “आप महसूस कर सकते हैं जब कोई इंसान अपनी सफलता को हल्केपन के साथ लेकर चलता है। उनमें कोई दिखावा नहीं था, सिर्फ मौजूदगी थी।”
एक डिजाइनर होने के नाते अंजलि छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देती हैं। उन्होंने शाहरुख के चलने-खड़े होने के अंदाज और किसी अनजान व्यक्ति के साथ उनकी गर्मजोशी को खास तौर पर नोटिस किया।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग स्टारडम को कॉस्ट्यूम की तरह पहनते हैं। वह इसे अपनी त्वचा की तरह पहनते हैं।”
शाहरुख के लिए अंजलि डिजाइन करना चाहेंगी खास Bandhgala
अगर कभी अंजलि को शाहरुख खान के लिए खास आउटफिट डिजाइन करने का मौका मिले, तो वह पहले से जानती हैं कि वह क्या तैयार करेंगी। वह शाहरुख के लिए मिडनाइट ब्लैक सिल्क-वूल बंदगला डिजाइन करना चाहती हैं, जो उनके व्यक्तित्व को दर्शाए।
लेकिन इस आउटफिट की सबसे खास चीज इसकी एम्ब्रॉयडरी होगी। अंजलि एक कंधे पर गोल्ड जरी के तारों से बनी एक खास डिजाइन की कल्पना करती हैं। इसमें हर सितारा शाहरुख के करियर के एक साल को दर्शाएगा।
वह इस डिजाइन को ‘King Constellation’ नाम देना चाहती हैं। अंजलि के मुताबिक शाहरुख को कभी ताज की जरूरत नहीं पड़ी, इसलिए वह उनके कंधों पर उनके सपनों को सितारों के रूप में सजाना चाहेंगी।
उनके लिए शाहरुख का असली स्टाइल उनके कपड़ों से कहीं आगे है-यह उनके व्यक्तित्व, उनकी विरासत और उन करोड़ों लोगों के सपनों से जुड़ा है, जिन्हें उन्होंने पर्दे पर सपने देखना सिखाया है।