अभिनेत्री अश्मिता बख्शी ने बताया कि ‘108 बेस हॉस्पिटल-उरी’ का कॉन्सेप्ट उन्हें काफी पसंद आया, इसलिए उन्होंने यह शो करने का फैसला किया। शो में वह एक ऐसी नर्स और आर्मी मेजर का किरदार निभा रही हैं, जबकि स्मिता बंसल सीनियर नर्स की भूमिका में हैं।
अश्मिता ने बताया कि यह शो श्रीनगर के वास्तविक 92 बेस हॉस्पिटल से प्रेरित है और इसमें आर्मी डॉक्टरों, नर्सों और अधिकारियों की जिंदगी दिखाई गई है। उनके मुताबिक, मरीजों के इलाज में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
किरदार के लिए की खास तैयारी
अश्मिता के लिए नर्स का किरदार निभाना पहले के रोल्स से काफी अलग था। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की तरह नर्सों का भी एक खास प्रोटोकॉल और बॉडी लैंग्वेज होती है। उन्हें डॉक्टरों से बात करने, मरीजों के साथ व्यवहार करने, ऑपरेशन थिएटर में काम करने और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई।
शूटिंग से पहले प्रोडक्शन हाउस ने एक डॉक्टर को बुलाकर पूरी टीम को ट्रेनिंग दी। शुरुआती शूट के दौरान डॉक्टर सेट पर मौजूद भी रहते थे, ताकि हर प्रक्रिया सही तरीके से दिखाई जाए।
चूंकि अश्मिता शो में आर्मी मेजर का किरदार भी निभा रही हैं, इसलिए उन्हें अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी खास ध्यान देना पड़ा। उन्होंने बताया कि किरदार में कंधे और पीठ सीधी रखना, हमेशा अलर्ट और अनुशासित दिखना जरूरी था। वहीं ऑपरेशन थिएटर के दृश्यों में तेज और सटीक तरीके से काम करना पड़ता था।
मिनिमल मेकअप और सिंपल लुक
शो में अश्मिता का लुक काफी सिंपल और नेचुरल रखा गया है। उन्होंने बताया कि नर्स का किरदार निभाने का एक फायदा यह भी रहा कि उन्हें ज्यादा मेकअप नहीं करना पड़ा।
शो में उनके दो मुख्य लुक हैं-आर्मी यूनिफॉर्म और नर्स की यूनिफॉर्म या स्क्रब्स। ऑपरेशन थिएटर के दृश्यों में मास्क, ग्लव्स और अन्य प्रोटेक्टिव गियर का इस्तेमाल किया जाता है।
पहली बार लंबे फॉर्मेट में लगातार निभा रहीं किरदार
अश्मिता ने फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया है और पहले टीवी भी कर चुकी हैं, लेकिन ‘108 बेस हॉस्पिटल–उरी’ उनके लिए इसलिए खास है क्योंकि पहली बार वह इतने लंबे फॉर्मेट में एक किरदार को लगातार निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह शो किसी टिपिकल डेली सोप जैसा नहीं है। कहानी वास्तविक जिंदगी से प्रेरित है, इसलिए डॉक्टरों, नर्सों और आर्मी अधिकारियों की बॉडी लैंग्वेज को समझना जरूरी था। उनके मुताबिक, एक नर्स के किरदार में प्रोफेशनलिज्म के साथ-साथ संवेदनशीलता और नरमी का संतुलन भी रखना पड़ता है।
अश्मिता ने शो की तारीफ करते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका कॉन्सेप्ट है। आम टीवी शोज में जहां परिवार, कपल या किसी एक किरदार की जिंदगी पर ज्यादा फोकस होता है, वहीं इसमें आर्मी के जवानों और आम लोगों के इलाज, डॉक्टरों और नर्सों के दबाव और उनकी निजी जिंदगी को भी दिखाया गया है।
अश्मिता बख्शी इससे पहले ‘हसीना पार्कर’, ‘फ्रायडे’, ‘भाईजी सुपरहिट’ और ‘व्हाय चीट इंडिया’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘पौरशपुर’, ‘मियां बीवी और मर्डर’, ‘अनामिका’ और ‘रक्षक सीजन 2’ जैसी सीरीज में भी काम कर चुकी हैं।