दिग्गज बंगाली फिल्ममेकर राजा सेन की तबीयत बेहद गंभीर बताई जा रही है। 70 वर्षीय निर्देशक को शनिवार को कोलकाता के सरकारी SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजा सेन इस समय वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
राजा सेन पिछले कई वर्षों से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और अन्य मेडिकल complications से जूझ रहे हैं। उनकी मौजूदा हालत को लेकर बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में चिंता का माहौल है।
कोलकाता के SSKM अस्पताल में भर्ती राजा सेन
राजा सेन को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह Atmiyo Sajan और Laboratory जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनकी सेहत लगातार प्रभावित रही है और डॉक्टर फिलहाल उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखे हुए हैं।
बताया जाता है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआत फिल्म Maya Mridanga की शूटिंग के दौरान हुई एक गंभीर पीठ की चोट के बाद हुई थी। शुरुआत में यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं लगी, लेकिन समय के साथ इसका असर उनकी mobility पर पड़ा।
इस साल की शुरुआत में राजा सेन के शरीर के निचले हिस्से में कमजोरी विकसित हुई। मेडिकल जांच के बाद एक जटिल neurological condition का पता चला, जिसके बाद फरवरी में उनकी बड़ी सर्जरी की गई थी।
सर्जरी के बाद उनकी सेहत में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन हाल ही में उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई।
राजा सेन की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता
राजा सेन के अस्पताल में भर्ती होने और उनकी गंभीर हालत की खबर से उनके परिवार के साथ-साथ बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और उनके चाहने वालों में चिंता बढ़ गई है।
राजा सेन ने बंगाली सिनेमा में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह फिल्ममेकर होने के साथ-साथ documentary director के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। फिलहाल डॉक्टर उनकी हालत पर करीब से नजर रख रहे हैं और वह वेंटिलेशन पर हैं।
बंगाली सिनेमा में राजा सेन का करियर
1955 में कोलकाता में जन्मे राजा सेन ने 1990 के दशक में बंगाली सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने documentary filmmaker के तौर पर काम किया।
1993 में उनकी documentary feature Suchitra Mitra ने उन्हें National Award for Best Arts/Cultural Film दिलाया।
बतौर निर्देशक उनकी पहचान 1997 के teleserial Subarnalata से मजबूत हुई। इसके बाद उन्होंने फिल्म Damu से feature-film में डेब्यू किया, जिसे Best Children’s Film का National Award मिला।
1999 में उनकी फिल्म Atmiyo Swajan को Best Film on Family Welfare का National Film Award मिला। उनके काम को अंतरराष्ट्रीय film festivals में भी सराहना मिली, जिससे बंगाली सिनेमा में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।
फिलहाल राजा सेन SSKM अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी गंभीर हालत ने बंगाली फिल्म जगत और उनके चाहने वालों की चिंता बढ़ा दी है।