दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया है। उन्होंने देश के युवाओं, शिक्षा संस्थानों और लोकतंत्र को लेकर चिंता जाहिर की। साथ ही, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों के साथ कथित व्यवहार का मुद्दा उठाया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
नसीरुद्दीन शाह बोले- मैं फख्र से कहता हूं, दिमागी नक्सल हूं
नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’, ‘एंटी-नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे नाम दिए जाते हैं। अभिनेता ने कहा कि वह गर्व के साथ खुद को दिमागी नक्सल कहते हैं।
अपने वीडियो में शाह ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने और लोकतंत्र को खतरे में डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इन सबके जरिए वह क्या हासिल करना चाहती है।
अभिनेता ने यह भी कहा कि अगर देश को बांटने की बात की जाए, तो उनके अनुसार इसके लिए जिम्मेदार मौजूदा सरकार है। उन्होंने अपने बयान में सरकार के साथ-साथ उसके समर्थकों की भी आलोचना की।
JNU से जामिया तक छात्रों के मुद्दे पर उठाई आवाज
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में JNU, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और जामिया मिलिया इस्लामिया का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थानों में छात्रों के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है, उसे भुलाया नहीं जाएगा।
अभिनेता ने कहा कि देश के युवाओं के साथ होने वाली घटनाएं याद रखी जाएंगी। उन्होंने मीडिया और बीजेपी आईटी सेल की भी आलोचना की। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
शाह ने अपने संदेश में यह भरोसा भी जताया कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को बर्बाद नहीं किया जा सकेगा और लोकतंत्र को खतरे में डालने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। वीडियो के अंत में अभिनेता ने युवाओं को सलाम किया और उनके साथ अपनी दुआएं होने की बात कही।
पहले भी बीजेपी पर साधा था निशाना
यह पहली बार नहीं है, जब नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी की नीतियों को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पहले शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी पर अपने विरोधियों और उसकी विचारधारा से असहमत लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह के मुताबिक, प्रशासन से जवाब मांगने वाले छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिए गए, उनकी निगरानी की गई और उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों से हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया।
अभिनेता ने बीजेपी पर अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा देने और असहमति जताने वालों को डराने का आरोप लगाया। उनके लगातार सामने आ रहे बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उनकी राय एक बार फिर चर्चा में है।